World Cancer Day 2026: कैंसर आज के समय की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है. जब भी कैंसर का नाम आता है, दिमाग में सबसे पहले दवाइयां, कीमोथेरेपी और अस्पतालों की तस्वीर उभरती है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी रोज की थाली भी इस लड़ाई में एक मजबूत हथियार बन सकती है? वैज्ञानिक रिसर्च और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही खान-पान न सिर्फ कैंसर से बचाव में मदद कर सकता है, बल्कि शरीर को अंदर से इतना मजबूत बना सकता है कि इलाज का असर भी बेहतर हो जाए. इसी सोच से जुड़ा है एंटी कैंसर डाइट का कॉन्सेप्ट.
एंटी कैंसर डाइट कैंसर कोई जादुई इलाज नहीं है जो कैंसर को पूरी तरह खत्म कर दे, बल्कि यह ऐसा भोजन पैटर्न है जो शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करता है, इम्यूनिटी बढ़ाता है और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है. आसान शब्दों में कहें तो यह डाइट शरीर को कैंसर के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करती है.
एंटी कैंसर डाइट का साइंस क्या कहता है? | What Does Science Say About Anti-cancer Diets?
1. एंटीऑक्सीडेंट्स की ताकत
फल और सब्ज़ियों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे विटामिन सी, विटामिन ई और फ्लेवोनॉयड्स शरीर की कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाते हैं. टमाटर में मौजूद लाइकोपीन, बेरीज में एंथोसाइनिन और हल्दी में करक्यूमिन इसके बेहतरीन उदाहरण हैं.
2. फाइबर और गट हेल्थ
पूरे अनाज, दालें, फल और सब्ज़ियां फाइबर से भरपूर होती हैं. फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है और आंतों (Gut) में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है. रिसर्च बताती है कि अच्छी गट हेल्थ कई तरह के कैंसर, खासकर कोलन कैंसर के खतरे को कम कर सकती है.
3. सूजन कम करना है जरूरी
लंबे समय तक रहने वाली सूजन कैंसर का एक बड़ा कारण मानी जाती है. एंटी कैंसर डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड (जैसे अलसी के बीज, अखरोट), हरी पत्तेदार सब्जियां और जैतून का तेल शामिल होता है, जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं.
4. प्रोसेस्ड और शुगर से दूरी
ज्यादा शुगर, प्रोसेस्ड फूड, पैकेट स्नैक्स और जंक फूड शरीर में सूजन बढ़ाते हैं और मोटापा बढ़ाते हैं, जो कैंसर के रिस्क से जुड़ा है. एंटी कैंसर डाइट इन चीजों को सीमित या पूरी तरह हटाने पर जोर देती है.
एंटी कैंसर डाइट में क्या शामिल करें?
- हरी पत्तेदार सब्ज़ियां (पालक, मेथी, सरसों)
- रंग-बिरंगे फल (अनार, सेब, बेरीज, संतरा)
- हल्दी, अदरक, लहसुन
- साबुत अनाज (ब्राउन राइस, बाजरा, जौ)
- दालें और बीन्स
- नट्स और सीड्स
क्या खाना ही काफी है?
सिर्फ सही खाना ही नहीं, बल्कि एक्टिव लाइफस्टाइल, पर्याप्त नींद, स्ट्रेस मैनेजमेंट और रेगुलर एक्सरसाइज भी उतनी ही जरूरी है. एंटी कैंसर डाइट एक सपोर्ट सिस्टम है, इलाज का विकल्प नहीं, लेकिन यह शरीर को लड़ाई के लिए मजबूत जरूर बनाता है.
कैंसर से लड़ाई में दवाइयों के साथ-साथ हमारी थाली भी बड़ी भूमिका निभा सकती है. सही, बैलेंस और प्राकृतिक भोजन अपनाकर हम न सिर्फ कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं, बल्कि एक हेल्दी और एनर्जेटिक जिंदगी की ओर भी कदम बढ़ा सकते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














