बीमारी और मोटापे से परेशान अमेरिका, अब फॉलो करेगा हमारी दादी-नानी की सीख

व्हाइट हाउस ने अपना नया 'Real Food Pyramid' जारी किया है, जो हूबहू वैसा ही है जैसा हमारे भारतीय घरों में बड़े-बुजुर्ग हमें बचपन से सिखाते आए हैं. तो बिना देर किए आइए जानते हैं अमेरिका की नई फूड गाइडलाइंस में शामिल दादी-नानी के नुस्खे.

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यही प्रोटीन पावर अब 'Make America Healthy Again' मुहीम का सबसे बड़ा हथियार है.

America new Real Food Pyramid guidelines : जो बात सदियों से हमारी दादी-नानी कहती आ रही थीं, उसे अब दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका ने भी मान लिया है. हाल ही में  मोटापे और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की मार झेल रहे अमेरिका ने अपनी डाइट गाइडलाइंस को पूरी तरह बदल दिया है. जी हां, व्हाइट हाउस ने अपना नया 'Real Food Pyramid' जारी किया है, जो हूबहू वैसा ही है जैसा हमारे भारतीय घरों में बड़े-बुजुर्ग हमें बचपन से सिखाते आए हैं. तो बिना देर किए आइए जानते हैं अमेरिका की नई फूड गाइडलाइंस में शामिल दादी-नानी के नुस्खे.

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दादी नानी क‍हती थीं : "मैदा छोड़ो, शरीर को गोंद मत बनाओ"

अब जाने अमेरिका क्‍या कहता है: अमेरिका में सालों से ब्रेड, पास्ता और अनाज (Carbs) को डाइट का राजा माना जाता था. लेकिन नए फूड चार्ट में इसे किनारे कर दिया गया है. दादी-नानी हमेशा कहती थीं कि मैदा आंतों में चिपकता है और पेट खराब करता है. अब अमेरिका भी मान रहा है कि ज्यादा अनाज और प्रोसेस्ड कार्ब्स ही मोटापे और डायबिटीज की जड़ हैं.

दादी नानी क‍हती थीं: "घी-दूध खाओगे, तभी तो बल पाओगे"

अब जाने अमेरिका क्‍या कहता हैएक वक्त था जब हमने घी को दुश्मन मान लिया था. लेकिन अब व्हाइट हाउस के नए नियमों ने सबको चौंका दिया है. उन्होंने हेल्दी फैट्स और फुल फैट डेयरी को सेहत की नींव बताया है. जिसे हम फैट कहकर डर रहे थे, अब वही अमेरिका में 'सुपरफूड' बन गया है क्योंकि यह दिमाग और शरीर को असली ऊर्जा देता है. आपको बता दें सदियों से हमारी दादी-नानी ताजे दूध,दही और घी पर जोर देती आ रही हैं. 

दादी नानी क‍हती थीं : ''फल और हरी सब्जियों खाओ''

अब जाने अमेरिका क्‍या कहता हैहमारी परंपरा में फलाहार यानी ताजे फल और कच्ची सब्जियों का बहुत महत्व है. व्हाइट हाउस ने भी अब डिब्बाबंद जूस और पैकेट वाले खाने को हटाकर रियल फूड और ताजे फल-सब्जियों को जरूरी बताया है. दादी-नानी कहती थीं कि जो चीज सीधे पेड़ से आई है, वही शरीर का भला करेगी. आज अमेरिका भी इस मंत्र को फॉलो कर रहा है.

दादी-नानी कहती थीं: "मेहनत की रोटी और भरपूर प्रोटीन"

अब जाने अमेरिका क्‍या कहता हैव्हाइट हाउस ने अब प्रोटीन की मात्रा को काफी बढ़ा दिया है. पुराने जमाने में दालें, अंकुरित अनाज और पनीर हमारी डाइट का मुख्य हिस्सा होते थे. यही प्रोटीन पावर अब 'Make America Healthy Again' मुहीम का सबसे बड़ा हथियार है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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