सर्दियों का मौसम हो और गरमा-गरम पालक पनीर या पत्ता गोभी की सब्जी न बने, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पसंदीदा इन सब्जियों में एक ऐसा दुश्मन छिपा हो सकता है जो सीधे आपके दिमाग पर हमला कर सकता है? जी हां, हम बात कर रहे हैं उस कीड़े की जिसे अक्सर लोग 'दिमाग का कीड़ा' कहते हैं. चलिए, आज जानते हैं कि अगर यह कीड़ा पेट में चला जाए तो क्या होता है और इससे कैसे बचें.
वैज्ञानिक भाषा में इसे पोरसिइन सिस्टिसर्कोसिस (Tapeworm) कहा जाता है. असल में यह एक Tapeworm के अंडे होते हैं. ये कीड़े इतने छोटे होते हैं कि नग्न आंखों से आसानी से दिखाई नहीं देते. अक्सर गंदे पानी या मिट्टी के जरिए ये पालक और पत्ता गोभी की परतों के अंदर चिपक जाते हैं.यह भी पढ़ें - Hari moong dal khane ke fayde : हरी मूंगदाल खाना क्यों फायदेमंद है?
पेट में चला जाए सब्जी का कीड़ा तो क्या होता है
खून में मिल जाते हैंपेट में जाने के बाद ये अंडे फूटते हैं और छोटे लार्वा का रूप ले लेते हैं. ये लार्वा आंतों की दीवार को पार करके हमारे खून के बहाव में मिल जाते हैं.
दिमाग का दौरा
खून के जरिए ये शरीर के किसी भी हिस्से में जा सकते हैं, लेकिन इनका सबसे पसंदीदा ठिकाना होता है हमारा दिमाग. जब ये दिमाग में पहुंचकर गांठ बना लेते हैं, तो इस बीमारी को 'न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस' कहते हैं.
इसके लक्षण क्या हैं?
- अचानक से तेज सिरदर्द होना.
- बार-बार मिर्गी जैसे दौरे पड़ना.
- शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी महसूस होना.
- आंखों की रोशनी में धुंधलापन आना.
घबराने की जरूरत नहीं, बस ये सावधानियां बरतें
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप सब्जियां खाना छोड़ दें. बस कुछ छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- पालक या पत्ता गोभी को काटने से पहले उसे हल्के गुनगुने पानी में नमक डालकर 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें. इससे कीड़े और उनके अंडे मर जाते हैं.
- कभी भी पत्ता गोभी को आधा कच्चा खाने से बचें. हाई टेम्परेचर पर पकने से ये कीड़े खत्म हो जाते हैं.
- सब्जियां काटने के बाद अपने हाथ और चाकू को साबुन से अच्छी तरह धोएं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














