Dadi Nani Ke Nuskhe: भारतीय खाने की थाली को अगर अचार के बगैर सोचा जाए तो शायद उसमें वो कमी दिखेगी जो खाने के स्वाद को थोड़ा फीका कर सकती है. खाने के साथ चटाकेदार अचार खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा सकता है. बता दें कि भारतीय घरों में गर्मियों का मौसम आते ही घरों में आम, नींबू और मिर्च के अचार बनने लगते हैं और इसकी खुशबू पूरे घर में महकने लगती है. हमारे घरों में दादी-नानी के हाथों के बने अचार का स्वाद ही कुछ अलग होता है. लेकिन कई बार कुछ लोगों के साथ ऐसा होता है कि वो अचार तो बनाते हैं लेकिन वो कुछ समय बाद खराब हो जाता है, या उसमें फफूंद लग जाती है. जबकि पुराने समय में दादी-नानी का बनाया अचार सालों-साल तक चलता रहता था. क्योंकि उनके पास कुछ ऐसे देसी नुस्खे थे जो अचार को खराब होने से बचाते थे. तो चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ असरदार नुस्खों के बारे में जो आपके अचार को खराब होने से बचाएंगे.
अचार को खराब होने से बचाएंगे दादी-नानी के ये नुस्खे
1. नमी से रखें कोसों दूर
बता दें कि अचार का सबसे बड़ा दुश्मन होती है नमी. दादी-नानी हमेशा कहती थीं कि आप जिस बर्तन में अचार बना रहे हैं और उसको जिसमें रख रहे हैं वो पूरी तरह से सूखा होना चाहिए. इसके साथ ही आप जिन चीजों का अचार बना रहे हैं उनको काटकर के धूप में जरूर सुखाएं जिससे उनमें जमा एक्सट्रा पानी निकल जाए. अचार को बनाने से लेकर उसको जिस चीज में और जिस जगह पर स्टोर कर रहे हैं वहां पर नमी नहीं होनी चाहिए. अगर ऐसा हुआ तो तो बहुत जल्द काला पड़ने लगता है या उसमें फफूंद लग जाती है.
2. तेल की परत है
अगर आप अपने अचार की शेल्फ लाइफ को बचाना चाहते हैं तो उसका सबसे अच्छा और आसान तरीका है कि उसे सरसों के तेल में अच्छे से डुबोकर रखें. अचार को रखते समय ध्यान रखें कि अचार का मसाला और पीस तेल में अच्छे से डूबे हुए होने चाहिए. तेल एक 'प्रिजर्वेटिव' की तरह काम करता है और हवा को अचार के संपर्क में आने से बचाता है. बस आप अपने अचार में सरसों के तेल को हल्का गर्म करके उसके ठंडा होने के बाद अचार में डालें ऐसा करने से इसका स्वाद तो बढ़ता ही है और इसकी शेल्फ लाइफ भी बढ़ जाती है.
3. कांच या चीनी मिट्टी के बरतन
अगर आप अचार को बनाकर रख रहे हैं तो उनको कभी भी स्टील या प्लास्टिक के डिब्बों में स्टोर कर के न रखें. प्लास्टिक से अचार में केमिकल रिएक्शन हो सकता है. अचार को रखने के लिए हमेशा कांच की बरनी या मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करें, हमारी दादी-नानी भी इनका इस्तेमाल करती थीं. आप जिस बर्तन में अचार को स्टोर कर के रख रहे हैं उसको गर्म पानी से धोकर तेज धूप में सुखाकर ही रखें.
4. नमक और हल्दी की सही मात्रा
आपको बता दें कि अचार में नमक सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं होता है, बल्कि ये अचार को गलाने में मदद करता है और उसमें बैक्टीरिया को पनपने से भी रोकता है. अचार में नमक की मात्रा थोड़ी ज्यादा रखने से वह लंबे समय तक फ्रेश रहता है. इसी तरह हल्दी भी एक प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक है जो अचार में फंगस लगने से बचाती है.
नोट- अचार निकालने के लिए हमेशा सूखी और साफ चम्मच का ही इस्तेमाल करें, कभी भी गीले हाथ या जूठी चम्मच डिब्बे में न डालें.
History of Samosa- Swaad Ka Safar | समोसे का इतिहास | जानें ईरान से भारत कैसे पहुंचा समोसा
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














