Dahi Chini Mahatva: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल नौंवा केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं. बजट पेश करने से पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, जिस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को बजट की कॉपी भी दी. इसके साथ ही राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री को दही खिलाकर बजट को पेश करने की शुभकामनाएं दी. जिसके बाद वो संसद भवन पहुंची. बता दें कि भारतीय परंपराओं में कोई भी शुभ काम करने से पहले या कुछ अच्छा काम करने से पहले दही-चीनी खिलाया जाता है. बचपन में भी हम जब एग्जाम देने जाते थे तो मम्मी दही-चीनी खिलाकर भेजती थी. इसको अच्छा और पॉजिटिव माना जाता है.
दही-चीनी खिलाना सिर्फ धर्म से जुड़ा नहीं है, बल्कि ये सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. यही वजह है कि लोग हर शुभ काम पर इसको खाते हैं. हमारे घरों में आज भी ये परंपरा अपनाई जाती है. तो चलिए आपको बताते हैं कि दही चीनी खिलाने के पीछे लॉजिक क्या है.
एनर्जी
दही को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसे खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है. चीनी हमारे शरीर को ग्लूकोज देती है और दही से प्रोटीन मिलता है.
डाइजेशन
दही में गुड बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो हमारे पेट और डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी रखने में मदद करे हैं. इससे पेट खराब होने का खतरा भी कम हो जाता है.
शरीर हाइड्रेटेड रहता है
घर से बाहर निकलने पर दही और चीनी को इसलिए भी खिलाया जाता है ताकि हमारे शरीर में पानी की कमी ना हो और शरीर हाइड्रेटेड रहे. जिससे आप फ्रेश फील करते हैं. इसके साथ ही ये आपको एक्टिव भी रखता है.
शुभता
दही-चीनी खाना सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं बल्कि हमारे कल्चर में भी शुभ माना जाता है. ऐसा कहते हैं कि कुछ मीठा खाकर घर से निकलने से सब काम अच्छे होते हैं.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














