लिथियम गैर लौह धातु है, जो इलेक्ट्रिक बैटरियों के लिए जरूरी अवयव है. (प्रतीकात्मक)
देश में पहली बार लिथियम का 59 लाख टन का भंडार जम्मू कश्मीर में मिला है. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने रियासी जिले के सलाल-हैमाना इलाके में लिथियम के भंडार मिलने की पहली बार पुष्टि की है. स्मार्टफोन्स से इलेक्ट्रिक वाहनों में लगने वाली बैटरियों को बनाने में लिथियम का प्रयोग किया जाता है. ऐसे में विशेषज्ञ लिथियम को भविष्य में बेहद काम आने वाली धातु के रूप में देख रहे हैं, जिसकी आने वाले वक्त में खासी मांग होगी. आइये जानते हैं लिथियम से जुड़ी 5 खास बातें :
- वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए धीरे-धीरे दुनिया ग्रीन एनर्जी को बढ़ाने की बात कर रही है. ऐसे में लिथियम कार्बन उत्सर्जन को कमकर हमारी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकता है. ऐसे में लिथियम की आयन बैटरी को ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी माना जा रहा है. यह बैटरी रिचार्जेबल होती है. साथ ही इनका जीवन काल भी काफी होता है.
- लिथियम के भंडार मिलने के बाद भारत को अपनी जरूरतों के लिए अब दूसरे देशों पर पूरी तरह से निर्भर नहीं रहना होगा.हर इलेक्ट्रिक वाहन में लिथियम का इस्तेमाल होता है, ऐसे में भारत इस क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को बढ़ा सकेगा.
- दुनिया में लिथियम उत्पादन का आधे से ज्यादा ऑस्ट्रेलिया से आता है. इसके बाद चिली और चीन का नंबर है. इस तरह से यह तीन देश लिथियम के वैश्विक उत्पादन में 90 फीसदी का योगदान देते हैं.
- लिथियम एक गैर लौह धातु है, जो कि इलेक्ट्रिक बैटरियों के लिए जरूरी होता है.
- इलेक्ट्रिक वाहनों के कारोबार बढ़ने को घटते प्रदूषण से जोड़कर देखा जाता है.माना जा रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के सड़कों पर व्यापक पैमाने पर उतरने के बाद प्रदूषण में कमी आएगी और यह सब होगा लिथियम से बनने वाली बैटरी के इस्तेमाल से.
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