Sheetala Ashtami 2026: मां शीतला को क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग? ज्योतिषाचार्य ने बताया बसोड़ा का महत्व

Sheetala Ashtami 2026: होली के आठवें दिन मनाई जाने वाली शीतला अष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस व्रत को कई जगहों पर बसोड़ा या बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भक्त माता शीतला की विधि‑विधान से पूजा करते हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख‑समृद्धि, शांति और रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
शीतला अष्टमी 2026
File Photo

Sheetala Ashtami 2026: होली के आठवें दिन मनाई जाने वाली शीतला अष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस व्रत को कई जगहों पर बसोड़ा या बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भक्त माता शीतला की विधि‑विधान से पूजा करते हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख‑समृद्धि, शांति और रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है. इस साल शीतला अष्टमी का पर्व 11 मार्च को मनाया जाएगा. परंपरा के अनुसार, इस दिन माता शीतला को बासी या ठंडे भोजन का भोग लगाया जाता है. आइए जानते हैं, इसके पीछे का क्या कारण है और बसोड़ा का क्या महत्व है. इसकी जानकारी NDTV से बातचीत करते हुए अंतरराष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित ने दी है.

यह भी पढ़ें: Sheetala ashtami 2026 : शीतला अष्‍टमी पर हर भक्‍त को जरूर करने चाह‍िए यह काम, जीवन में सभी कष्‍ट हो जाएंगे दूर

क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग?

ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित के अनुसार, चैत्र महीने से ही गर्मी का मौसम शुरू हो जाता है, और इसी समय चेचक, एलर्जी और कई तरह के संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में माता शीतला को उस देवी के रूप में माना जाता है जो शरीर, मन और मस्तिष्क को शीतलता प्रदान करती हैं और बीमारियों से रक्षा करती हैं. माना जाता है कि माता शीतला को ठंडी और बासी चीजें अत्यंत प्रिय होती हैं, इसलिए शीतला अष्टमी पर ठंडा-बासी भोजन का भोग लगाया जाता है.

शीतला अष्टमी की पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान किया जाता है. इसके बाद पूजा की थाली में दही, पुआ, रोटी, मीठे चावल, नमकपारे, मठरी और अन्य ठंडे व्यंजन रखे जाते हैं. इसके साथ रोली, अक्षत, हल्दी, दीपक, मौली, मेहंदी और सिक्के भी पूजा में शामिल किए जाते हैं. पूजा के समय माता शीतला को ठंडा जल अर्पित किया जाता है और परिवार की सुख-समृद्धि व अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है. पूजा के बाद घर के सभी सदस्यों को हल्दी का टीका लगाया जाता है और फिर प्रसाद के रूप में वही भोजन खाया जाता है.

Featured Video Of The Day
Iran Israel War Breaking News: ईरान में फिर आया भूकंप, अब Bandar Abbas में कांपी धरती!
Topics mentioned in this article