हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी राशि पर शनि की साढ़ेसाती चलती है तो व्यक्ति के जीवन में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं. हालांकि, साढ़ेसाती हमेशा कष्ट ही नहीं देती, बल्कि यह व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल भी प्रदान करती है. इस समय शनि देव मीन राशि में विराजमान हैं और कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही हैं. ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं कि कुंभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का प्रभाव कब तक रहेगा और इससे राहत पाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं.
कुंभ राशि पर कब तक रहेगा साढ़ेसाती का प्रभाव?
ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित के अनुसार, कुंभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है. यह अवधि लगभग 3 जून 2027 तक रहेगी. इसके बाद शनि के राशि परिवर्तन के साथ ही कुंभ राशि के लोग साढ़ेसाती के प्रभाव से बाहर आ जाएंगे.
ज्योतिषाचार्य बताते हैं, ज्योतिष मान्यता के अनुसार साढ़ेसाती के दौरान शनि देव व्यक्ति के कर्मों का मूल्यांकन करते हैं. जो लोग ईमानदारी, मेहनत और अच्छे कार्य करते हैं, उन्हें शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं. वहीं गलत कार्यों का फल भी इसी दौरान मिल सकता है. इसलिए इस समय अच्छे कर्मों पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
साढ़ेसाती के दौरान करें ये आसान उपायशनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए सेवा और दान को सबसे प्रभावी माना गया है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार गरीब, मजदूर और सफाई कर्मियों की सहायता करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं. जरूरतमंद लोगों की मदद करना और उनका सम्मान करना शुभ फल देने वाला माना जाता है.
इसके अलावा शनिवार के दिन शनि देव की पूजा के समय उनकी प्रतिमा या चरणों में सरसों का तेल अर्पित किया जा सकता है. विशेष रूप से पैर की सबसे छोटी उंगली पर तेल चढ़ाने की परंपरा को भी शुभ माना गया है.
दान से मिलती है विशेष कृपाशनि दोष को कम करने के लिए छाया दान का भी विशेष महत्व बताया गया है. इसके साथ ही उड़द की दाल से बने पुए तैयार करवाकर गरीब और जरूरतमंद लोगों को दान करना लाभकारी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि ऐसे उपायों से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.
ज्योतिषाचार्य कहते हैं, अगर आप सच्चे मन से सेवा, दान और सदाचार का पालन करेंगे, तो शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव काफी हद तक सकारात्मक बन सकता है.