Putrada Ekadashi 2026: सावन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से साधक को संतान सुख, संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस बार पुत्रदा एकादशी की सही तारीख को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन बना हुआ है. इसी कड़ी में आज हम आपको पुत्रदा एकादशी की सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत पारण का समय और महत्व बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं.
कब है पुत्रदा एकादशी ?
हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 23 अगस्त को रात 2 बजे हो गई है. वहीं, इस तिथि का समापन 24 अगस्त की सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखथे हुए पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त, दिन रविवार को ही रखा जा रहा है. वहीं, व्रत का पारण कल यानी 24 अगस्त को होगा.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
पूजा का शुभ मुहूर्त
पुत्रदा एकादशी पर पूजा का शुभ मुहूर्त 23 अगस्त को सुबह 7:32 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा. इस अवधि में भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जा रहा है.

क्या है व्रत पारण का शुभ समय?
पंचांग के अनुसार व्रत पारण का समय 24 अगस्त को सुबह 5 बजकर 35 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 20 मिनट तक शुभ माना जा रहा है. इस अवधि में सभी साधक नियमों के अनुसार व्रत पारण कर सकते हैं.
पूजा विधि
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें.
- पूजा स्थल को साफ कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
- श्री हरि को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करें.
- विष्णु सहस्रनाम, श्रीहरि स्तोत्र या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें.
- दिनभर व्रत रखें और सात्विक दिनचर्या अपनाएं.
- शाम को भगवान विष्णु की आरती करें और भोग लगाएं.
पुत्रदा एकादशी का महत्व
शास्त्रों के अनुसार संतान सुख, संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए ये व्रत रखना बेहद लाभदायक माना जाता है. वहीं, जिन दंपतियों को संतान प्राप्ति की इच्छा है उन्हें पुत्रदा एकादशी पर व्रत रखकर विधि-विधान के साथ मां लक्ष्मी और श्री हरि की पूजा करनी चाहिए. साथ ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी का व्रत रखने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
यह भी पढ़ें: Sawan Pradosh Vrat: कब रखा जाएगा भौम प्रदोष व्रत, जानिए तिथि, पूजा मुहूर्त और कथा
यह भी पढ़ें: 2 सितंबर से 5 राशियों का Golden Period शुरू, गुरु के नक्षत्र में मंगल की एंट्री से करियर-धन में होगा फायदा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं