Masik Krishna Janmashtami 2026: चैत्र महीने में कब मनाई जाएगी मासिक कृष्ण जन्माष्टमी? जान लें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और मंत्र

Masik Krishna Janmashtami 2026 Date: मासिक कृष्ण जन्माष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाया जाती है. इस दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण की विधि‑विधान से पूजा करते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से कृष्ण जी की पूजा करने से जीवन में सुख‑शांति, घर में समृद्धि और मन को शांति प्राप्त होती है.

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मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026
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Masik Krishna Janmashtami 2026: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार चैत्र माह की शुरुआत हो चुकी है और यह महीना देवी मां दुर्गा को समर्पित माना जाता है. इसी महीने में नवरात्र जैसे बड़े पर्व के साथ‑साथ कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार भी मनाए जाते हैं. इन्हीं खास व्रतों में से एक है मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, जिसे हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाया जाता है. इस दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण की विधि‑विधान से पूजा करते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से कृष्ण जी की पूजा करने से जीवन में सुख‑शांति, घर में समृद्धि और मन को शांति प्राप्त होती है. आइए जानते हैं चैत्र महीने में मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कब पड़ेगी और इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.

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कब है मासिक कृष्ण जन्माष्टमी?

वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च 2026 को रात 01:55 बजे से होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 12 मार्च 2026 को सुबह 04:18 बजे होगा. ऐसे में निशिता काल को देखते हुए मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 11 मार्च, दिन बुधवार को मनाई जाएगी.

जान लीजिए शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 58 मिनट से 5 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. वहीं, अमृत काल दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से 1 बजकर 55 मिनट तक है. विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 17 मिनट तक है. इसके अलावा गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 25 मिनट से 6 बजकर 49 मिनट तक है.

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर करें भगवान श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप

1. ॐ कृष्णाय नमः

2. हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।

3. ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः

4. ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात

5. ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।
सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
 

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