विज्ञापन

कार्तिक माह में क्या करें और क्या नहीं? जानें दीपदान से लेकर खानपान तक के 7 जरूरी नियम

Kartik Maas 2026 Niyam: कार्तिक माह में दीपदान, तुलसी पूजन, सात्विक भोजन, दान और संयम का विशेष महत्व माना जाता है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, इस दौरान अच्छे व्यवहार और धार्मिक नियमों का पालन करें. 2026 में कार्तिक माह 27 अक्टूबर से शुरू होगा.

कार्तिक माह में क्या करें और क्या नहीं? जानें दीपदान से लेकर खानपान तक के 7 जरूरी नियम
कार्तिक माह में क्या नहीं करना चाहिए
ndtv

हिंदू धर्म में कार्तिक महीने को पूजा-पाठ, दान और व्रत के लिए विशेष माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और तुलसी की पूजा करने का खास महत्व है. इस दौरान दीपदान, संयम और सात्विक जीवनशैली अपनाने की परंपरा भी है. मान्यता है कि कार्तिक माह में नियमों का पालन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, इस महीने में कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं कार्तिक माह में क्या करना चाहिए और किन कामों से बचना चाहिए.

इसके अलावा, कार्तिक स्नान और दान की परंपरा भक्ति, अनुशासन और सेवा भाव को महत्व देती है. यह महीना लोगों को अपनी दिनचर्या में पूजा-पाठ के लिए समय निकालने और जरूरतमंदों की सहायता करने की प्रेरणा देता है. अपनी क्षमता के अनुसार इन परंपराओं को निभाकर व्यक्ति धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी महत्व दे सकता है.

कार्तिक माह में करें दीपदान

आचार्य मदन मोहन के अनुसार, कार्तिक माह में तुलसी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है. इस महीने में तुलसी के पास दीपक जलाने और नियमित पूजा करने की परंपपरा है. मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है. कार्तिक महीने में तुलसी की पूजा करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है. कार्तिक माह में रोजाना सुबह तुलसी में जल देने और शाम के समय तुलसी के पास दीया जलाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. आचार्य ने बतााया कि इस खास दिन शाम के समय मंदिर में पूजा के बाद घर के आंगन में तुलसी के पौधे में दीप जलााए और हाथ जोड़कर तुलसी की पूजा करें.

सादा जीवन अपनाएं

बता दें कि कार्तिक माह में भूमि पर सोने को भी कुछ धार्मिक परंपराओं में तप और संयम से जोड़ा गया है. हालांकि, इसे हर किसी के लिए जरूरी नियमम नहीं मानना चाहिए. अपनी सेहत और सुविधा के अनुसार ही दिनचर्या अपनााएं. साथ ही, नरक चतुर्दशी के दिन तेल लगाने की परंपरा भी प्रचलित है. हालांकि, व्यक्तिगत स्वच्छता और त्वचाा की जरूरतों को नजरअंदाज न करें.

ये भी पढ़ें- कार्तिक मास में व्रत रखना जरूरी है? जानें कार्तिक के महीने में क्या करें और क्या नहीं

सूर्योदय से पहले करें गंगा स्नान

आचार्य ने बताया कि कार्तिक मास में सूर्योदय से पहले उठकर गंगा या पवित्र नदियों में स्नान करने का विधान है. अगर ऐसा संभव नहीं है तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. कार्तिक महीने में गंगा स्नान करना बहुत ही फललदायी माना गया है. कार्तिक महीने के दौरान सुबह स्नान के बााद सूर्यदेव को जल जरूर अर्पित करें. कार्तिक महीने में तुलसी पत्र से श्री विष्णु की पूजा कररने से भगवाान विष्णु बहुत प्रसन्न होते हैं. इसलिए सभी को सुबह-सुबह गंगा स्नान करना चाहिए.

कार्तिक माह में क्यों किया जाता है दान?

जानकारी के अनुसार, कार्तिक माह में दान-पुण्य करने की परंपरा भी प्रचलित है. धार्मिक मान्यताओं में अन्न, वस्त्र, दीपक और जरूरत की दूसरी वस्तुओं का दाान सेवा और उदारता का प्रतीक माना जाता है. इस दौरानन लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करते हैं. दान का भाव केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सहयोग और संवेदनशीलता को भी बढ़ाावा देता है.

ब्रह्मचर्य का करें पालन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में ब्रह्मचर्य और इंद्रियों पर संयम रखने का महत्व है. कार्तिक माह में कम बोलना, किसी की निंदा से बचना, विवाद न करना और जरूरतमंदों की मदद कररना अच्छा माना गया है. इस दौरान अपनी क्षमताा के अनुसाार दान-पुण्य भी कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें- Sharad Purnima 2026: आज कितने बजे होगा चंद्रोदय? जानें खीर रखने का सही समय

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Kartik Maas 2026, Kartik Maas 2026 Date
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com