Jyeshtha Month 2026: आज से शुरू ज्येष्ठ माह, इस माह करें बस ये एक उपाय, मिलेगा अपार पुण्य

Jyeshtha Month 2026: ज्येष्ठ माह 2026 की शुरुआत 2 मई से मानी जा रही है. इस पवित्र महीने में स्नान, दान और जप-तप का विशेष महत्व होता है. खासतौर पर जल दान को सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना गया है, जिससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.

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आज से शुरू हुआ ज्येष्ठ माह! जल दान का ये आसान उपाय बदल सकता है आपकी किस्मत

Jyeshtha Month 2026: हिंदू पंचांग का तीसरा महीना ज्येष्ठ माह न सिर्फ भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान किए गए छोटे-छोटे पुण्य कार्य भी बड़ा फल देते हैं. मान्यता है कि इस महीने में अगर सही तरीके से पूजा-पाठ और दान किया जाए, तो भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है. ऐसे में आइए जानते हैं साल 2026 में ज्येष्ठ माह कब से शुरू हो रहा है और इस दौरान कौन सा सरल उपाय आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.

कब से शुरू हो रहा है ज्येष्ठ माह?

ज्येष्ठ माह की शुरुआत ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा से होती है. इस साल प्रतिपदा तिथि 1 मई रात 10:52 बजे से शुरू होकर 3 मई दोपहर 12:49 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार, ज्येष्ठ माह का शुभारंभ 2 मई 2026, शनिवार से माना जा रहा है.

शुभ योग और नक्षत्र का संयोग

2 मई को व्यतिपात योग सुबह से रात 9:45 बजे तक रहेगा, इसके बाद वरीयान योग शुरू होगा. इस दिन विशाखा नक्षत्र का प्रभाव पूरे दिन रहेगा, जो इसे और भी खास बनाता है. ग्रहों की स्थिति की बात करें तो- चंद्रमा तुला राशि में और सूर्य मेष राशि में रहेंगे. इसके अलावा, ज्येष्ठ माह के शुरुआती दिनों में त्रिपुष्कर योग का भी विशेष संयोग बन रहा है, जो 3 मई रात 12:49 बजे से सुबह 5:39 बजे तक रहेगा. ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा 29 जून को मानी जाएगी, और इसी दिन इस माह का समापन होगा.

ज्येष्ठ माह का महत्व

ज्येष्ठ माह में गर्मी अपने चरम पर होती है, इसलिए इस दौरान जल और छाया का महत्व बहुत बढ़ जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में स्नान, दान, जप और तप करने से विशेष पुण्य फल मिलता है. कहा जाता है कि इस समय किया गया छोटा-सा भी अच्छा काम जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकता है.

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ज्येष्ठ माह में करें ये आसान उपाय

इस महीने का सबसे महत्वपूर्ण और सरल उपाय है जल दान.

- प्यासे लोगों को पानी पिलाएं
- घर के बाहर मिट्टी के घड़े में ठंडा पानी रखें
- पक्षियों और जानवरों के लिए भी पानी की व्यवस्था करें

मान्यता है कि इस उपाय से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. साथ ही, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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