हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान हाथ में कलावा बांधने की परंपरा है. इसे मौली भी कहा जाता है. पूजा के समय पंडित जी इसे हाथ में बांधते हैं. कई लोग मंदिर जाते समय भी कलावा बंधवाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि कलावा बांधना शुभ होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाथ में बंधे कलावे को कितने दिन तक रखना चाहिए? या पुराना कलावा उतारने के बाद उसका क्या करना चाहिए? मशहूर एस्ट्रोलॉजर भावना उपाध्याय ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर कर इन सवालों का जवाब दिया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
कितने दिन तक हाथ में रखना चाहिए कलावा?
एस्ट्रोलॉजर भावना उपाध्याय के अनुसार, हाथ में बंधे कलावे को हर महीने बदल देना चाहिए. उन्होंने बताया कि अगर आप किसी मंदिर में दर्शन करने जाते हैं, तो वहां पंडित जी से नया कलावा बंधवा सकते हैं. इसके अलावा, किसी पूजा में भी कलावा बंधवाया जा सकता है.
भावना उपाध्याय ने बताया कि पुराने कलावे को उतारने के बाद उसे कहीं भी नहीं फेंकना चाहिए. इससे अलग-
- आप उतारे हुए कलावे को बहते जल में प्रवाहित कर सकते हैं.
- पुराने कलावे को मिट्टी में दबाया जा सकता है.
- इन सब से अलग आप अपने पुराने कलावे को जला भी सकते हैं.
एस्ट्रोलॉजर बताती हैं, कलावा आपकी रक्षा के लिए बांधा जाता है. ये आपको बुरे प्रभावों से बचाता है और नकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर सोखता रहता है. समय के साथ इन नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है, इसलिए इसे लंबे समय तक नहीं पहनना चाहिए.
यहां देखें वीडियो-
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