Chaitra Navratri 2026: पालकी पर होगा माता का आगमन, ज्योतिषाचार्य से जानें देवी का पालकी में बैठकर आना शुभ या अशुभ कैसा संकेत है

Chaitra Navratri 2026: इस बार मां दुर्गा की सवारी पालकी मानी जा रही है. आइए ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं देवी का पालकी में बैठकर कैसा संकेत है-

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
देवी का पालकी में बैठकर आना शुभ या अशुभ?

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व का बेहद खास महत्व है. साल में चार बार नवरात्रि आती हैं, लेकिन इनमें भी चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है. चैत्र नवरात्रि को कई लोग हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक मानते हैं. इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और मां से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत कल यानी 19 मार्च, गुरुवार से होगी और इसका समापन 27 मार्च, शुक्रवार को होगा. इस दौरान पूरे नौ दिनों तक श्रद्धा और भक्ति के साथ मां दुर्गा की आराधना की जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर नवरात्रि में देवी मां किसी विशेष वाहन पर सवार होकर पृथ्वी पर आती हैं और उसी के अनुसार कुछ संकेत भी माने जाते हैं. इस बार मां दुर्गा की सवारी पालकी मानी जा रही है. आइए ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं देवी का पालकी में बैठकर आना कैसा संकेत है-

यह भी पढ़ें- Chaitra Navratri 2026: कल से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्रि, जानें किस दिन कौन सा रंग पहनें

पालकी पर होगा माता का आगमन

NDTV के साथ हुई बातचीत के दौरान ज्योतिषाचार्य ने बताया, देवीभागवत पुराण में इस बात का जिक्र है कि अगर नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार या शुक्रवार को होती है, तो मां दुर्गा की सवारी पालकी या डोली मानी जाती है. इस वर्ष भी नवरात्रि का आरंभ गुरुवार से हो रहा है, इसलिए मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आएंगी. हालांकि, मां का पालकी पर आगमन बहुत शुभ संकेत नहीं माना जाता है. 

देवी पुराण में बताया गया है कि जब देवी पालकी में आती हैं तो दुनिया में कुछ प्रकार की परेशानियों की संभावना बढ़ सकती है. इसे महामारी, बीमारियों के फैलने या प्राकृतिक अस्थिरता का संकेत माना जाता है. इसके अलावा व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. यह बाढ़, भूकंप या मौसम में बदलाव जैसी परिस्थितियों की ओर भी संकेत करता है.

Advertisement
जरूर करें ये उपाय

ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित बताते हैं, ऐसी स्थितियों में शास्त्रों में कुछ उपाय भी बताए गए हैं. इनमें सबसे शक्तिशाली उपाय है दुर्गा सप्तशती का पाठ. नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करवाना बहुत फलदायी माना जाता है. यदि पूरे नौ दिनों तक कवच, अर्गला, कीलक और मंत्र न्यास के साथ इसका पाठ किया जाए तो यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है. साथ ही यह पाठ व्यक्ति को साहस, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है. ऐसे में इस नवरात्रि दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ जरूर करवाएं. 

Featured Video Of The Day
दिल्ली अग्निकांड VIDEO: जब फायर ब्रिगेड की सीढ़ी नहीं पहुंची तो बचने के लिए कूदा शख्स
Topics mentioned in this article