Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें पूजा विधि और महत्व, बस इस एक मंत्र से बदल जाएगी किस्मत

Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती 2026 कब है, पूजा का सही समय, आसान विधि, शक्तिशाली मंत्र और माँ बगलामुखी की महिमा के बारे में विस्तार से जानें. इस दिन सही तरीके से पूजा करने पर शत्रुओं से मुक्ति और जीवन में सफलता मिलने की मान्यता है

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बगलामुखी जयंती 2026: बस इस एक मंत्र से बदल जाएगी किस्मत, शत्रु होंगे परास्त!
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Baglamukhi Jayanti 2026: हिंदू धर्म में शक्ति उपासना का विशेष महत्व है और दस महाविद्याओं में से एक मां बगलामुखी को अत्यंत प्रभावशाली देवी माना जाता है. कहा जाता है कि उनकी पूजा करने से जीवन के बड़े से बड़े संकट भी दूर हो सकते हैं. खासकर जब बात शत्रुओं पर विजय और वाणी पर नियंत्रण की हो, तब मां बगलामुखी की आराधना बेहद फलदायी मानी जाती है. साल 2026 में उनकी जयंती एक शुभ संयोग में आ रही है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है.

कब है बगलामुखी जयंती 2026?

साल 2026 में बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जाएगी.
- अष्टमी तिथि शुरू: 24 अप्रैल सुबह 07:18 बजे
- अष्टमी तिथि समाप्त: 25 अप्रैल सुबह 05:51 बजे

इस दिन शुक्रवार का संयोग होने से पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है. पूरे दिन पूजा करना शुभ माना जाएगा.

मां बगलामुखी की महिमा

मां बगलामुखी को स्तंभन शक्ति की देवी कहा जाता है.मान्यता है कि उनकी कृपा से व्यक्ति अपने शत्रुओं की वाणी और बुद्धि को नियंत्रित कर सकता है.
- विरोधियों पर जीत पाने के लिए विशेष पूजा
- कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता
- वाद-विवाद में विजय
- नकारात्मक शक्तियों से रक्षा

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इसी कारण उन्हें पीताम्बरा देवी भी कहा जाता है, क्योंकि उन्हें पीला रंग अत्यंत प्रिय है.

पूजा की आसान विधि

मां बगलामुखी की पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व होता है. पूजा इस प्रकार करें:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
- पीले रंग के कपड़े पहनें
- पीले आसन पर बैठकर पूजा करें
- माँ की मूर्ति या तस्वीर को गंगाजल से शुद्ध करें
- पीले फूल, पीला चंदन, पीले फल और बेसन के लड्डू अर्पित करें
- घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं
- संभव हो तो व्रत रखें
- मंत्र जाप जरूर करें

शक्तिशाली मंत्र

पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करना बेहद फलदायी माना जाता है- 'ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वान्कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ओम् स्वाहा.' हल्दी की माला से इस मंत्र का जाप करना सबसे उत्तम माना जाता है.

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प्रमुख मंदिर

मां बगलामुखी के प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल हैं:
- मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित पीताम्बरा पीठ
- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित बगलामुखी मंदिर

जयंती के दिन यहां विशेष पूजा, हवन और अनुष्ठान होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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