Adhik Masik Durgashtami 2026 Date and Time: आज यानी 23 मई को अधिक मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है. पंचांग के अनुसार हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है. इस दिन मां दु्र्गा की पूजा करने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. इस बार मासिक दुर्गाष्टमी अधिक मास में मनाई जा रही है जिसके कारण इसका महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है. माना जाता है कि अधिक मास में पड़ने वाले सभी व्रत और की गई पूजा अधिक फलदायी होती है. इसी कड़ी में आइए जानते हैं मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व समेत जरूरी जानकारी...
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अधिक मासिक दुर्गाष्टमी 2026 तिथि
द्रिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत आज यानी 23 मई को सुबह 5 बजकर 4 मिनट पर हो गई है. वहीं, इसका समापन कल यानी 24 मई को सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए अधिक मासिक दुर्गाष्टमी आज यानी 23 मई दिन शनिवार को मनाई जा रही है.
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अधिक मासिक दुर्गाष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त
दुर्गा मासिक अष्टमी के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 4 मिनट से 4 बजकर 45 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक है. विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 35 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 8 मिनट से 7 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. अमृत काल रात 11 बजकर 45 मिनट से 24 मई की सुबह 1 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. साथ ही रवि योग 24 मई की सुबह 2 बजकर 9 मिनट से सुबह 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगा.
अधिक मासिक दुर्गाष्टमी 2026 पूजा विधि
सुबह स्नान के बाद लाल वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें.
दुर्गा जी की मूर्ति के सामने घी का दीपक और अखंड ज्योति जलाएं.
मां दुर्गा को लाल फूल, सिंदूर, फल और मिठाई अर्पित करें.
"ॐ दुं दुर्गायै नमः" का जाप करें.
संध्याकाल में पूजा के बाद फलाहार ग्रहण कर व्रत खोलें.
करें इन मंत्रों का जाप
- सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥
- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
- या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
- दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोःस्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि॥
- ॐ दुं दुर्गायै नमः॥
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.














