NEET UG Success rate : नीट यूजी परीक्षा रद्द होने से उन लाखों विद्यार्थियों को भी झटका लगा है, जिन्होंने साल भर शिद्दत से इस परीक्षा की तैयारी की थी. ये परीक्षा देश की सबसे टफ एग्जाम में से एक मानी जाती है. जिसमें जबरदस्त कॉम्पिटिशन होता है. सीटों की संख्या के मुकाबले नीट यूजी परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या सीटों के मुकाबले काफी ज्यादा होती है. और, अगर सिर्फ सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीटों की बात करें तो ये अंतर और भी ज्यादा बढ़ जाता है. यही वजह है कि नीट यूजी परीक्षा में एक एक मार्क्स मायने रखता है. साल भर की जी तोड़ मेहनत करने के बाद भी बमुश्किल 5 परसेंट स्टूडेंट इस परीक्षा में कामयाब हो पाते हैं.
सीट और छात्रों का अंतरजानकारी के अनुसार इस बार करीब 22.79 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया और लगभग सभी उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए. लेकिन देशभर में MBBS की सीटें करीब 1.29 लाख ही हैं. यानी एक सीट के लिए 17-18 छात्र एक साथ कम्पीट करते हैं. यही वजह है कि NEET को भारत की सबसे मुश्किल कॉम्पिटिटिव एग्जाम में गिना जाता है.
5% से भी कम छात्रों को मिलता है मौकाअगर कुल उम्मीदवारों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों को देखें तो स्थिति और कठिन नजर आती है. गवर्नमेंट कॉलेजों में MBBS सीटें करीब 60 हजार के आसपास ही हैं. यानी 22 लाख से ज्यादा छात्रों में से सिर्फ 5% से भी कम उम्मीदवारों को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल पाता है. यही कारण है कि हर नंबर और हर रैंक बेहद अहम हो जाती है.
लड़कियां फिर रहीं आगेइस साल भी NEET देने वालों में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा रही. आंकड़ों के मुताबिक 13.32 लाख से ज्यादा लड़कियों ने रजिस्ट्रेशन कराया. जबकि लड़कों की संख्या करीब 9.46 लाख रही. पिछले कुछ सालों से यही ट्रेंड नजर आ रहा है. लड़कियां न सिर्फ परीक्षा देने में आगे हैं. बल्कि उनका रिजल्ट भी साल दर साल बेहतर होता जा रहा है.
हर साल बढ़ रहा है मुकाबलाNEET में उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इस साल पिछले साल के मुकाबले करीब 3 हजार ज्यादा स्टूडेंट ने अप्लाई किया. अफसोस कि पेपर लीक होने की वजह से लाखों स्टूडेंट्स की मेहनत पर पानी फिर गया है.
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