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NEET UG 2026: प्रश्नपत्र के स्तर से न डरें, सलेक्शन के लिए 'परसेंटेज' नहीं 'परसेंटाइल' है जरूरी

नीट-यूजी 2026 परीक्षा में अब कुछ ही दिन शेष हैं. एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार, विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र के कठिन होने से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मेडिकल कॉलेजों में चयन 'परसेंटाइल' के आधार पर होता है न कि 'परसेंटेज' के. जानें परीक्षा का लेटेस्ट पैटर्न, मार्किंग स्कीम और कठिन प्रश्नों से निपटने की खास रणनीति ताकि 3 मई को होने वाली परीक्षा में आप बेहतर स्कोर कर सकें.

NEET UG 2026: प्रश्नपत्र के स्तर से न डरें, सलेक्शन के लिए 'परसेंटेज' नहीं 'परसेंटाइल' है जरूरी
मेडिकल कॉलेजों में चयन 'परसेंटाइल' के आधार पर होता है न कि 'परसेंटेज' के

NEET UG 2026 : मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी, 2026 का आयोजन आगामी 3 मई दिन रविवार को दोपहर 2-बजे से 5 बजे के बीच किया जाना है. इस एग्जाम में अब कुछ दिन शेष हैं. ऐसे में प्रश्नपत्र लेवल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होना स्वाभाविक है. एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों को क्यूश्चन पेपर के लेवल को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि Question paper का लेवल विद्यार्थियों की 'परसेंटेज' को तो प्रभावित करता है, लेकिन  'परसेंटाइल' को नहीं. कहने का मतलब ये है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी, 2026 में सेलेक्शन 'परसेंटाइल' के आधार पर होता है,'परसेंटेज' के आधार पर नहीं.

'कठिन प्रश्नों में उलझना और डरना बेकार है'

देव शर्मा ने बताया कि प्रश्न पत्र का लेवल कैसा भी हो, क्वालीफाइंग कटऑफ-परसेंटाइल तो जनरल/ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए 50-परसेंटाईल और ओबीसी, एससी,एसटी कैटेगरी के लिए  40-परसेंटाईल ही रहेगा. इसमें कोई परिवर्तन होने वाला नहीं. इसलिए कठिन प्रश्नों से डरना और उसे लेकर  उलझना ठीक नहीं है.
  
देव शर्मा ने बताया कि नीट-यूजी, 2026 प्रवेश परीक्षा में भी अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तरह कुछ प्रश्न ज्यादा कठिन पूंछे जा सकते हैं जैसा कि नीट-यूजी, 2025 के दौरान भी हुआ था. ऐसे में विद्यार्थियों को अत्यधिक कठिन प्रश्नों से भयभीत होना तथा अनावश्यक तौर पर इन्हें हल करने में उलझ कर समय खराब करना छोड़ना होगा.

देव शर्मा ने स्पष्ट किया कि नीट-यूजी,2026 प्रवेश परीक्षा में सभी प्रश्नों के अंक समान हैं, चाहे प्रश्न ज्यादा कठिन हो, साधारण हो या सरल हो. यहां विद्यार्थी का उद्देश्य 180-मिनट की अधिकतम तय समय सीमा में अधिकतम संख्या में प्रश्नों को ठीक से हल करना है.

परीक्षा-पैटर्न

बोटनी-जूलॉजी अलग-अलग नहीं यहां सिर्फ बायोलॉजी

  • बायोलॉजी से 90-प्रश्न
  • फिजिक्स तथा केमिस्ट्री प्रत्येक विषय से 45-45 प्रश्न
  • कुल प्रश्नों की संख्या-180
  • अधिकतम समय सीमा 180-मिनट
  • मार्किंग +4/-1

देव शर्मा ने बताया कि नीट-यूजी, 2026 के प्रश्नपत्र में बॉटनी तथा जूलॉजी अलग-अलग विषय नहीं है, यहां विषय बायोलॉजी है. एनटीए-नई दिल्ली द्वारा जारी किए गए क्वेश्चन पेपर पैटर्न के अनुसार- 

  • बायोलॉजी विषय से 90-प्रश्न
  • फिजिक्स तथा केमिस्ट्री दोनों ही विषयों से क्रमशः 45-45 प्रश्न पूंछे जाएंगे
  • प्रश्न पत्र में कुल प्रश्नों की संख्या-180 होगी
  • अधिकतम समय सीमा 180-मिनट होगी
  • प्रत्येक प्रश्न 4-अंक का होगा तथा नेगेटिव मार्किंग +4/-1 की रहेगी.

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