NEET पेपर लीक के तार राजस्थान से गहरे जुड़े हुए हैं. राजस्थान के दिनेश और मांगीलाल बिवाल मुख्य किरदार हैं. इनपर आरोप है कि इन्होंने अपने परिवार के बच्चों के लिए पेपर खरीदा था और इसके लिए मोटी रकम दी थी. सबसे बड़ी बात ये कि इस साल इनके परिवार के दो बच्चों ने यह परीक्षा दी है. पिछले पांच सालों में भी इनके परिवार के अन्य बच्चों ने NEET परीक्षा दी थी और इसे पास भी किया था. इस समय ये अलग-अलग सरकारी कॉलेजों से पढाई कर रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, इनके परिवार के पांच बच्चों में से कम से कम दो बच्चे पढ़ाई में औसत थे. जांच एजेंसियां अब ये जांच कर रही है कि क्या पिछले साल भी इस परिवार ने NEET पेपर को खरीदा था.
पढ़ाई में एवरेज लेकिन NEET में किया कमाल
CBI ने दिनेश बिवाल के बेटे विकास बिवाल को गिरफ्तार किया है. पेपर लीक की खबर के बाद से विकास लापता था. विकास 11 मई को सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज से लापता हो गया था. दो दिन बाद इसे गिरफ़्तार किया गया था. NDTV ने सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल बीपी मीणा से जब विकास के बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि विकास इस साल जनवरी से लगातार क्लास में गैरहाजिर रहा और उसका एकेडमिक परफॉर्मेंस भी ठीक नहीं था. उसकी अटेंडेंस बहुत कम थी. कभी-कभी वह महीने में सिर्फ़ एक या दो बार ही कॉलेज आता था. एग्जाम में विकास का औसत स्कोर 30% रहा.
विकास के पिछले अकादमिक रिकॉर्ड भी यही बताते हैं कि वो एक औसत छात्र था. ऐसे में किसी औसत छात्र का NEET जैसी परीक्षा पास करना, शक के घेरे में हैं. सूत्रों ने NDTV को बताया है कि विकास ने 12वीं कक्षा की परीक्षा में 55% अंक हासिल किए थे, लेकिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा में वह 86% अंक लाने में सफल रहा.
विकास की चचेरी बहन पलक पढ़ाई में तेज थी, लेकिन कॉलेज में उसका प्रदर्शन भी औसत रहा. पलक दिनेश और मांगीलाल बिवाल के दिवंगत भाई घनश्याम की बेटी है. पलक ने 10वीं कक्षा में 93%, 12वीं कक्षा में 89% अंक हासिल किए थे. NEET में 98.61 परसेंटाइल प्राप्त किया था. जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज में इस समय पलक पढ़ाई कर रही है, पलक मेडिकल की प्रथम वर्ष की छात्रा है.
"कॉलेज के टेस्ट में प्रदर्शन औसत"
पलक के कॉलेज की अतिरिक्त प्रिंसिपल डॉ. मोनिका जैन ने बताया कि, "कॉलेज के टेस्ट में उसका प्रदर्शन औसत रहा है. वह नियमित रूप से क्लास में आती है. चाचा दिनेश की गिरफ़्तारी के बाद से वो यहां से चले गई है. मांगीलाल बिवाल की बेटी प्रगति, दौसा के नवल किशोर शर्मा मेडिकल कॉलेज की छात्रा है. प्रगति ने 10वीं कक्षा में 69% अंक हासिल किए थए. 12वीं कक्षा में 91% और NEET में 89% अंक हासिल किए थे. प्रगति भी पिता, भाई और चाचा को गिरफ़्तार के बाद से कॉलेज नहीं आई है.

बिवाल परिवार के दो बच्चे ने पिछले साल परीक्षा दी थी. उन्होंने भी अच्छा प्रदर्शन किया था. घनश्याम की दूसरी बेटी सानिया, मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही है. उसने 10वीं कक्षा में 63%, 12वीं कक्षा में 89% और NEET में 94.07 परसेंटाइल हासिल किया था. दिनेश बिवाल की बेटी गुंजन ने 10वीं कक्षा में 86% और 12वीं कक्षा में 70% अंक प्राप्त किए थे. जबकि NEET में 92.53 परसेंटाइल हासिल किया थे. इस समय वो वाराणसी के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई कर रही है. सानिया और गुंजन, दोनों ही लापता हैं.
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