NEET Paper Leak Case: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में नोहर के रहने वाले केमिस्ट्री टीचर शशिकांत सुथार देशभर में चर्चा में हैं. शशिकांत ही वो शख्स हैं, जिन्होंने सबसे पहले नीट पेपर लीक मामले में गड़बड़ी को उजागर किया. उन्होंने पेपर लीक माफिया के खिलाफ आवाज उठाने का साहस दिखाया. इस वजह से आज उनकी पूरी शिक्षा जगत में एक ऐसे शिक्षक के रूप में देखा जा रहा है. जांच एजेंसियों की सक्रियता और देशभर में हो रही कार्रवाई के बीच शशिकांत सुथार का नाम एक व्हिसलब्लोअर के तौर पर सामने आया है.
छोटे शहरों के छात्रों के लिए शुरू की मुहिम
नोहर के नेहरू बाल वाटिका स्कूल से बारहवीं तक पढ़ाई करने वाले शशिकांत सुथार का सपना डॉक्टर बनने का था. स्कूलिंग पूरी करने के बाद वे कोटा पहुंचे और तीन साल तक प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी. साल 2015 में वे वापस नोहर लौटे और कोचिंग सेंटर में बच्चों को मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करवाने लगे. करीब तीन साल तक उन्होंने नोहर में रहकर विद्यार्थियों को पढ़ाया. उनकी कोशिश है कि छोटे शहरों के छात्रों को मेडिकल तैयारी के लिए बड़े शहरों में पलायन नहीं करना पड़े. फोकस कोचिंग के बाद उन्होंने नोहर में ‘सफल' नाम से अपना खुद का कोचिंग सेंटर भी शुरू किया. बाद में परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहने पर उन्हें नोहर छोड़ना पड़ा.
वहीं स्कूल में उनके सीनियर रहे यतीश जोशी का कहना है कि शशिकांत ने न केवल नोहर बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है. उनके मुताबिक शशिकांत के इस कदम की वजह से देशभर में नीट परीक्षा प्रणाली को सुधारने और पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
कोविड में कोचिंग प्रभावित, हार नहीं मानी
साल 2019 और 2020 में शशिकांत ने सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में केमिस्ट्री शिक्षक के रूप में पढ़ाया. कोविड के दौरान ऑफलाइन पढ़ाई प्रभावित हुई तो उन्होंने यूट्यूब चैनल शुरू किया और ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को पढ़ाना जारी रखा. कोविड काल के बाद वे सीकर पहुंचे और वहां कोचिंग संस्थान में केमिस्ट्री पढ़ाने लगे.
कोचिंग सेंटर के संचालक संदीप माहिया बताते हैं कि शशिकांत शुरू से ही जिम्मेदार शिक्षक रहे हैं. शशिकांत ने हमेशा बच्चों के भविष्य को गंभीरता से लिया और यही जिम्मेदारी अब नीट पेपर लीक मामले में भी दिखाई दी. उन्होंने कहा, "जिस तरह शशिकांत ने साहस दिखाते हुए कथित पेपर लीक माफिया के खिलाफ शिकायत की, वह बताता है कि वे सिर्फ शिक्षक नहीं बल्कि अपनी जिम्मेदारी समझने वाले सजग नागरिक भी हैं."
छोटा भाई SI, शशिकांत को किया मोटिवेट
पेपर लीक मामले में परिवार का भी उन्हें लगातार समर्थन मिला. शशिकांत सुथार के छोटे भाई रवि सुथार राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं. बताया जा रहा है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान रवि ने उन्हें लगातार मोटिवेट किया और मजबूती से उनके खड़े रहने का हौसला दिया.
शशिकांत ने कोचिंग सिस्टम पर कही ये बात
नीट पेपर लीक विवाद के दौरान शशिकांत लगातार सीकर और वहां के मेहनती छात्रों के पक्ष में खड़े नजर आए. उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोगों की गलती की वजह से पूरे कोचिंग सिस्टम और मेहनती विद्यार्थियों को गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. एनडीटीवी से फ़ोन पर बातचीत में उन्होंने कहा था कि सीकर की सफलता के पीछे किसी स्कैम का नहीं, बल्कि छात्रों की दिन-रात की मेहनत का हाथ है.
यह भी पढ़ेंः कुलकर्णी- मनीषा मांधरे ने एनटीए से दोनों सेट चुराए, फिर हुई खरीद-फरोख्त, नीट पेपर लीक में बड़ा खुलासा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं