नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने सीकर के व्हिसलब्लोअर शिक्षक शशिकांत के बयान दर्ज किए हैं. शशिकांत ने मामले से जुड़े सभी सबूत सीबीआई को सौंपे और पूरा घटनाक्रम सिलसिलेवार तरीके से बताया. शशिकांत सुथार वही केमिस्ट्री टीचर हैं, जिन्होंने सबसे पहले वायरल पेपर और नीट पेपर से 'गेस पेपर' का मिलान किया था. पेपर में हूबहू सवाल होने की शिकायत जांच एजेंसियों तक भी पहुंचाई थी. उन्होंने शुरुआती स्तर पर एग्जाम की गड़बड़ी को पकड़ा था.
वायरल पेपर से शशिकांत को पता चली हकीकत
एनडीटीवी से बातचीत में शिक्षक शशिकांत ने बताया था 3 मई को परीक्षा खत्म होने के बाद उनके मकान मालिक ने उन्हें एक वायरल पेपर दिखाया. वह पेपर कई सोशल मीडिया ग्रुप में शेयर किया जा रहा था. जब उन्होंने उसका मिलान असली प्रश्नपत्र से किया तो केमिस्ट्री के 45 सवाल मेल खा रहे थे. उन्होंने अपने सहयोगी बायोलॉजी शिक्षक को पेपर दिखाया तो बायोलॉजी के करीब 90 सवाल भी हूबहू मिले.
2 दिन तक सबूत जुटाते रहे
मामला गंभीर लगने पर वे उसी रात सीकर के उद्योग नगर थाने पहुंचे. लेकिन पुलिस ने लिखित शिकायत और सबूत के साथ आने को कहा. इसके बाद उन्होंने अगले 2 दिनों तक वायरल पीडीएफ, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए. 6 मई को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय और एनटीए को ई-मेल के जरिए पूरी शिकायत भेज दी.
7 मई को गृह मंत्रालय की टीम सीकर पहुंची
शशिकांत के मुताबिक, शिकायत भेजने के कुछ ही घंटों बाद एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों और सीबीआई की ओर से उनसे संपर्क किया गया. 7 मई को गृह मंत्रालय की टीम सीकर पहुंची और उनके बयान दर्ज किए गए. इसके बाद राजस्थान एसओजी और सीकर पुलिस ने भी उनसे पूछताछ की. व्हिसलब्लोअर का कहना है, "उन्होंने यह कदम केवल परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाया. समय रहते शिकायत नहीं की जाती तो मामला दब सकता था."
यह भी पढ़ेंः NEET पेपर लीक में चाचा की गिरफ्तारी के बाद भतीजी 2 दिन से गायब, पलक बिवाल का पता लगाने में जुटी सीबीआई
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं