JEE Advance 2026 का रिजल्ट 1 जून को जारी कर दिया गया.एक बार फिर देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम में कोटा का दबदबा साफ नजर आया. कोटा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे देश का कोचिंग हब क्यों कहा जाता है. बता दें कि JEE Advanced में 12 और JEE Main में 8 टॉपर्स इसी शहर से निकले हैं. लगातार तीसरे साल IIT JEE का टॉपर कोटा का ही छात्र रहा है. ऐसे में देश के सबसे कठिन एग्जाम को क्रैक करने के लिए कोटा के बड़े एक्सपर्ट्स और टीचर्स (जैसे एलन के विनोद कुमावत सर और बीवाइज के सुनील नैन सर) ने कुछ बेहद जरूरी टिप्स और स्ट्रैटेजी शेयर की हैं, जो हर इंजीनियरिंग एस्पिरेंट के काम आएंगी.
JEE क्रैक करने के लिए कोटा के एक्सपर्ट्स के सक्सेस मंत्रा
रट्टा मारना छोड़ें, IQ और कॉन्सेप्ट इंटरलिंकिंग पर ध्यान देंबीवाइज के केमिस्ट्री टीचर सुनील नैन सर का कहना है कि इंजीनियरिंग का एग्जाम केवल रटने वाले बच्चों के लिए नहीं है, यह आपके असली IQ का टेस्ट है.
यहां सिर्फ डीप नॉलेज काफी नहीं है. परीक्षा में सवाल ऐसे आते हैं जहां अलग-अलग चैप्टर्स के कॉन्सेप्ट्स आपस में जुड़े होते हैं. ऐसे में छात्र को यह पता होना चाहिए कि उन मिक्स कॉन्सेप्ट्स को परीक्षा के प्रेशर में कैसे अप्लाई करना है.
जल्दी शुरुआत देती है बढ़तएलन (ALLEN) के एकेडमिक्स डीन विनोद कुमावत सर के मुताबिक, JEE देश का सबसे कठिन एग्जाम है, इसलिए बच्चे 10वीं या 12वीं के बाद से ही इसकी तैयारी में जुट जाते हैं.
सही समय पर एडमिशनएक्सपर्ट्स की सलाह है कि छात्रों को अप्रैल या मई के बैच में जॉइन कर लेना चाहिए.
फायदाये बैच जल्दी शुरू होते हैं, जिससे डिटेल्ड स्टडी के लिए पूरा समय मिलता है. साथ ही, क्लासरूम का पॉजिटिव माहौल और दोस्तों की अच्छी संगत स्टूडेंट के मनोबल को बढ़ाती है.
सरप्राइज के लिए मानसिक रूप से रहें तैयारJEE एग्जाम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप कितना भी पढ़ लें, परीक्षा में कुछ ऐसे सवाल जरूर आएंगे जो आपको हैरान कर देंगे. हर बार नया पैटर्न और नए तरीके के सवाल देखने को मिलते हैं. इसलिए सिलेबस को गहराई से पढ़ने के लिए 2 साल की रेगुलर तैयारी बहुत जरूरी है. यह मानकर चलें कि पेपर में सरप्राइज मिलेंगे ही मिलेंगे.
मेंटल स्ट्रेंथ और स्किप करने की कलाअगर एग्जाम में कोई सवाल नहीं बन रहा, तो घबराएं नहीं. उसे छोड़ें और अगले सवाल पर जाएं. वह भी नहीं आ रहा, तो उससे अगले पर जाएं. परीक्षा के दौरान मोटिवेशन बनाए रखना और आगे बढ़ते रहना ही सफलता का मंत्र है.
CBT प्रैक्टिस है जरूरीIIT का एग्जाम अब पेन और पेपर पर नहीं होता, यह ऑनलाइन होता है. विनोद कुमावत सर के अनुसार, छात्रों को CBT यानी Computer Based Test की खूब रिहर्सल करनी चाहिए. अगर छात्र को कंप्यूटर पर आगे-पीछे जाने या ऑप्शन सेव करने में ही 10 मिनट लग गए, तो वह दूसरों से पिछड़ जाएगा. इसलिए मॉक टेस्ट हमेशा कंप्यूटर पर ही दें.
सब्जेक्ट वाइज तैयार करें स्ट्रैटेजी
केमिस्ट्री
इसमें NCERT के सिलेबस का टच बहुत मजबूत रहता है, इसलिए NCERT को अच्छे से पढ़ लें.
मैथ्स
इसमें गहरी नॉलेज, बिल्कुल क्लियर कॉन्सेप्ट्स और उनके एप्लीकेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है.
NEET से कितना मुश्किल है JEE?
टीचर्स के मुताबिक, NEET का एग्जाम इंजीनियरिंग के मुकाबले थोड़ा आसान माना जाता है. देश में करीब 15 लाख बच्चे इंजीनियरिंग एग्जाम में बैठते हैं. इनमें से सिर्फ 2.5 लाख छात्र JEE Advanced के लिए क्वालीफाई करते हैं.
अंत में, केवल 18,000 बच्चों को ही IIT में सीट मिल पाती है.ऐसे में अगर किसी वजह से IIT में सिलेक्शन न हो, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. छात्रों को NITs और IIITs के लिए भी तैयार रहना चाहिए, जहां कंप्यूटर साइंस (CS) और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के बेहतरीन कोर्सेज मौजूद हैं.
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