कभी-कभी छोटी-सी इच्छा भी चेहरे पर बड़ी मुस्कान ले आती है. अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर पूर्णिया के वृद्धाश्रम में ऐसा ही भावुक पल देखने को मिला, जब एक बुजुर्ग महिला ने डीएम अंशुल कुमार से चाट और फुचका खिलाने की फरमाइश कर दी. महिला की बात सुनते ही डीएम ने कहा, "आज ही और अभी खिलाता हूं", जिसके बाद वृद्धा के चेहरे की खुशी देखने लायक थी. दरअसल, अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के मौके पर बिहार के पूर्णिया जिला मुख्यालय स्थित वृद्धाश्रम में समाज कल्याण विभाग की ओर से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे डीएम अंशुल कुमार ने आयोजन के बाद वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान जब डीएम एक बुजुर्ग महिला के पास पहुंचे तो साथ मौजूद अधिकारियों ने उनसे कुछ बोलने के लिए कहा. इस पर बुजुर्ग महिला ने मुस्कुराते हुए कहा, "चाट और फुचका खिलाइए." डीएम अंशुल कुमार ने तुरंत जवाब दिया, "आज ही और अभी खिलाता हूं." यह सुनकर बुजुर्ग महिला खुशी से बोलीं, "अरे वाह." इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
यहां देखिए VIDEO
पूर्णिया के जिला पदाधिकारी(DM) श्री अंशुल कुमार सर जब वृद्धाश्रम पहुंचे, तो एक बुजुर्ग मां ने अपनी छोटी-सी इच्छा बताई— चाट-फुचका खिला दीजिए…”
— Sarfraz Sona (@SarfrazSona) October 3, 2026
मां की मुस्कान ही सबसे बड़ी खुशी है। ❤️
District Administration, Purnea DM Purnia pic.twitter.com/DNNb08z5ev
संयुक्त परिवार की संस्कृति को बचाने की जरूरत
इस अवसर पर डीएम अंशुल कुमार ने संयुक्त परिवार की घटती परंपरा पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि भारत अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता है, जहां पहले संयुक्त परिवार हुआ करते थे. परिवार में सभी भाई, माता-पिता, दादा-दादी एक साथ रहते थे, लेकिन ग्लोबलाइजेशन और वेस्टर्नाइजेशन के बढ़ते प्रभाव के साथ परिवारों का स्वरूप बदलता गया.
उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार की परिभाषा अब काफी संकीर्ण हो गई है. आज अधिकांश परिवारों में केवल पति-पत्नी और बच्चे ही रह गए हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य पीछे छूटते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के इस संस्कार को बचाकर रखने और उससे सीख लेने की आवश्यकता है.
कौन हैं IAS अंशुल कुमार?
बिहार कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी अंशुल कुमार का जन्म 13 जनवरी 1991 को हुआ था. उन्होंने मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएनएनआईटी), इलाहाबाद से बीटेक की डिग्री प्राप्त की है. उन्होंने 5 जून 2025 को पूर्णिया जिला कलेक्टर का पदभार संभाला था.
चुनाव प्रबंधन के लिए मिल चुका है सम्मान
अंशुल कुमार के नेतृत्व में बिहार के पूर्णिया जिले को 16वें नेशनल वोटर्स डे 2026 के अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग से इलेक्शन मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स के लिए "बेस्ट इलेक्शन डिस्ट्रिक्ट" अवॉर्ड मिल चुका है. यह सम्मान उन जिलों को दिया जाता है जो चुनाव प्रक्रिया की उत्कृष्ट योजना, समन्वय और क्रियान्वयन का प्रदर्शन करते हैं.
पहले भी वायरल हो चुका है मानवीय पहल वाला VIDEO
पिछले दिनों अंशुल कुमार का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था. उस वीडियो में वे सड़क किनारे कूड़ा-कचरा चुन रहे एक बच्चे को देखकर अपनी गाड़ी रुकवाते हैं. इसके बाद बच्चे को अपने पास बुलाकर बिस्किट देते हैं और उसकी पढ़ाई के बारे में पूछते हैं. जब उन्हें पता चलता है कि बच्चा पढ़ाई नहीं करता है, तो वे अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि उसका सरकारी स्कूल में दाखिला कराया जाए, ताकि वह शिक्षा प्राप्त कर सके.
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