CAT 5 Mistakes to Avoid : देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIMs) और टॉप बिजनेस स्कूलों में एमबीए में एडमिशन के लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT 2026) का आयोजन 29 नवंबर को किया जाएगा. परीक्षा तीन अलग-अलग सेशन में 120 मिनट (2 घंटे) की ड्यूरेशन के लिए आयोजित होगी. जैसे जैसे परीक्षा की तारीख नजदीक आ रही लाखों उम्मीदवार अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं. इसी बीच, आईआईएम बैंगलोर की एक्स स्टूडेंट, जो वर्तमान में गूगल में नौकरी कर रही हैं, ने कैट कैंडिडेट्स को उन 5 कॉमन ट्रैप्स से बचने की सलाह दी है, जिनमें अक्सर छात्र फंस जाते हैं. इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने खुलासा किया कि ये गलतियां अनजाने में ही किसी भी अभ्यर्थी के स्कोर को 10 से 15 परसेंटाइल तक नीचे खींच लेती हैं.
विदित है कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में कैट परीक्षा पास की थी और उन्हें 25 टॉप बी-स्कूलों द्वारा शॉर्टलिस्ट किया गया था. बाद में उन्होंने आईआईएम बैंगलोर से अपना एमबीए पूरा किया.
कैट कैंडिडेट्स को इन 5 गलतियों से बचना जरूरी
आईआईएम एक्स स्टूडेंट के अनुसार, लास्ट समय में सही स्ट्रेटजी अपनाकर अच्छा स्कोर कर सकते हैं-
1 - गलत समय पर मॉक टेस्ट देनाज्यादातर स्टूडेंट्स अपनी सुविधानुसार किसी भी समय मॉक टेस्ट हल करते हैं. उन्होंने सलाह दी कि कैंडिडेट्स को अपने कैट 2026 एडमिट कार्ड पर दिए गए सटीक परीक्षा स्लॉट और समय पर ही मॉक टेस्ट देना चाहिए. जैसे ही हॉल टिकट जारी हो, उसी तय समय पर मॉक देने की प्रैक्टिस शुरू कर देनी चाहिए. इससे दिमाग को रियल परीक्षा के माहौल और समय के अनुरूप एक्टिव रहने की ट्रेनिंग मिलती है.
2 - बहुत अधिक सवाल हल करने के चक्कर में न पड़ेएक्स स्टूडेंट के अनुसार, बहुत अधिक प्रश्न हल करने के चक्कर में नेगेटिव मार्किंग से स्कोर बिगड़ जाता है. उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने कुल 66 सवालों में से केवल 38 प्रश्न हल किए थे और 99 से अधिक परसेंटाइल हासिल किया था.
3 - आखिरी समय पर रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन (RC) का प्रैक्टिसटॉपर के अनुसार, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन सेक्शन में 40 में से 24 नंबर होते हैं. अगर उम्मीदवार तेजी से पढ़ने और पैसेज के सही भाव को याद रखने में असमर्थ रहते हैं, तो वे समय और नंबर दोनों गंवा देते हैं.
4 - मॉक टेस्ट के नतीजों का एनालिसिस न करनाकेवल मॉक टेस्ट देना काफी नहीं है, टेस्ट के बाद हर गलत और छूटे हुए सवाल की एनालिसिस करना सबसे जरूरी है.
5 - कमजोर DILR रणनीतिडेटा इंटरप्रिटेशन और लॉजिकल रीजनिंग (DILR) में ज्यादातर कैंडिडेट्स सब कुछ हल करने की कोशिश करते हैं, जो कि बिल्कुल गलत तरीका है. उन्होंने सुझाव दिया कि परीक्षा शुरू होते ही पहले 5 मिनट पूरे सेक्शन को पढ़ने और सबसे आसान व सही सेट्स का सिलेक्शन करने में लगाने चाहिए. सही सेट का चुनाव ही सफलता की कुंजी है.
परीक्षा का पैटर्न
परीक्षा की कुल ड्यूरेशन 120 मिनट होगी. कैंडिडेट्स को हर सेक्शन को हल करने के लिए 40 मिनट का समय दिया जाएगा. एक सेक्शन के दौरान दूसरे सेक्शन में स्विच करने की इजाजत नहीं होगी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं