- दिल्ली पुलिस ने रेलवे कॉलोनियों में चोरी करने वाले बदायूं के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है
- आरोपी पहले इलाके में रेकी करते थे और फिर औजार लेकर चोरी करने के लिए वापस आते थे
- घटना 14 जनवरी 2026 को दिल्ली की रेलवे कॉलोनी किशनगंज में हुई थी, जहां सोना-चांदी के गहने और नकदी चोरी हुई थी
क्या आपने कभी सुना है कि चोरी किसी का पेशा होता है. गांव से चोरी करने चोर शहर आते हैं और काम पूरा होने के बाद वापस लौट जाते हैं. ऐसा ही हैरान करने वाला एक मामला उत्तर प्रदेश के बदायूं से सामने आया है. यहां एक ही गांव से तीन लोग चोरी करने दिल्ली आते थे. ये लोग यहां रेलवे कॉलोनियों और अन्य जगहों पर चोरी करके वापस अपने गांव लौट जाते थे. दिल्ली पुलिस ने शातिर चोरों के इस गिरोह का पर्दाफाश किया है.
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48 घंटे में सुलझी चोरी की गुत्थी
पुलिस ने दिल्ली के गुलाबी बाग थाना इलाके में हुई एक बड़ी चोरी की गुत्थी महज 48 घंटे में सुलझा ली. इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही चोरी का लगभग पूरा सामान भी बरामद कर लिया गया है. घटना 14 जनवरी 2026 की है, जब रेलवे कॉलोनी किशनगंज में एक घर से चोरी की सूचना पुलिस को मिली. पीड़ित कृष्ण देव अपने परिवार के साथ गुरुग्राम गए हुए थे. लौटने पर उन्होंने देखा कि घर और अलमारी के ताले टूटे हुए हैं और करीब एक लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के गहने और 50 कनाडाई डॉलर चोरी हो चुके हैं.
पहले रेकी और फिर करते थे चोरी
मामले की गंभीरता को देखते पुलिस ने इलाके और आसपास लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच में सामने आया कि आरोपी पहले कॉलोनी में रेकी करते थे, फिर औजार लेकर लौटकर चोरी को अंजाम देते थे. वारदात के लिए वे वैगन-आर कार का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसकी नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई थी.
बदायूं से चोरी करने दिल्ली आते थे आरोपी
तकनीकी जांच और वाहन के आंशिक नंबर के आधार पर पुलिस ने यूपी के बदायूं जिले तक आरोपियों की पहचान कर ली. मोबाइल सर्विलांस के जरिए 16 जनवरी को तीनों आरोपी जंगपुरा रेलवे कॉलोनी में ट्रेस किए गए, जहां वे एक और चोरी की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने मौके से ही तीनों को धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूरे उर्फ संजीव (33), अरुण राठौर (26) और निशांत (26) के रूप में हुई है. तीनों बदायूं के एक ही गांव अलापुर के रहने वाले हैं. इनके पास से सोने-चांदी के गहने, नकदी, चोरी में इस्तेमाल किए गए लोहे के औजार और वैगन-आर कार बरामद की गई है.
रेलवे कॉलोनियों में करते थे चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे खासतौर पर दिल्ली की रेलवे कॉलोनियों को निशाना बनाते थे. उन्हें पता था कि सुबह लोग ड्यूटी पर चले जाते हैं और देर शाम लौटते हैं. इसी दौरान वे बंद घरों की पहचान कर चोरी करते थे. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्य आरोपी भूरे उर्फ संजीव पहले भी चोरी और झपटमारी के 21 मामलों में शामिल रह चुका है. अरुण पर भी पहले से चोरी के केस दर्ज हैं, जबकि निशांत हाल ही में कर्ज के चलते इस गिरोह में शामिल हुआ था.
इस कार्रवाई में पुलिस ने गुलाबी बाग और हजरत निजामुद्दीन थाना क्षेत्र की दो चोरी की वारदातों को पूरी तरह सुलझा लिया है. फिलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी और किन-किन वारदातों में शामिल रहे हैं. दिल्ली पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से रेलवे कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है.














