दिल्ली के आउटर डिस्ट्रिक्ट के पीरागढ़ी इलाके में चौकीदार की हत्या का सनसनीखेज मामला दिल्ली पुलिस ने महज़ 48 घंटे में सुलझा लिया है. शुरुआती जांच में यह मामला सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन CCTV फुटेज और घटनास्थल के सुरागों ने एक सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस जांच में सामने आया कि मामूली कहासुनी और गाली-गलौज का बदला लेने के लिए आरोपियों ने चौकीदार को पहले डंडों से पीटा और फिर बोलेरो गाड़ी से दो बार कुचलकर उसकी हत्या कर दी.
सड़क हादसा नहीं, निकली साजिश
24 मई 2026 की सुबह करीब 4:03 बजे थाना पश्चिम विहार वेस्ट को PCR कॉल मिली थी. सूचना दी गई कि पीरागढ़ी गांव के टेंपो स्टैंड के पास एक व्यक्ति घायल पड़ा है, जिसे किसी वाहन ने टक्कर मारी है. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि 60 वर्षीय बिजेंद्र लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़े थे. वह उसी टेंपो स्टैंड पर चौकीदार थे. जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर गाड़ी के टायरों के लंबे निशान और शरीर पर कई चोटों के निशान मिले, जिससे शक हुआ कि यह साधारण एक्सीडेंट नहीं बल्कि हत्या है.
CCTV फुटेज ने खोला राज
पुलिस ने आसपास लगे 200 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. एक मंदिर के बाहर लगे कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई. फुटेज में दिखा कि एक काले रंग की महिंद्रा बोलेरो नियो टेंपो स्टैंड के पास आकर रुकती है. एक युवक डंडा लेकर उतरता है और चौकीदार पर हमला कर देता है.
इसके बाद गाड़ी चला रहा आरोपी बिजेंद्र की ओर गाड़ी बढ़ाता है और उन्हें कुचल देता है. जब वह घायल अवस्था में उठने की कोशिश करते हैं, तब आरोपी दूसरी बार गाड़ी चढ़ा देता है. वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो जाते हैं.
48 घंटे में पुलिस की बड़ी सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम बनाई गई. तकनीकी सर्विलांस, लोकल इंटेलिजेंस और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की गई. 25 मई को सूचना मिली कि आरोपी हरिद्वार भागने की फिराक में हैं. मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया में घेराबंदी कर पुलिस ने बोलेरो को पकड़ लिया. कार में चार युवक सवार थे.
दो बालिग, दो नाबालिग आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय विनय और 18 वर्षीय आयुष चौहान के रूप में हुई है. दो अन्य आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा. विनय हरियाणा के बहादुरगढ़ का रहने वाला है और बीसीए का छात्र है, जबकि आयुष नजफगढ़ का निवासी है.
गाली का बदला, बनी हत्या की वजह
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. करीब एक महीने पहले चौकीदार और एक नाबालिग के बीच विवाद हुआ था, जिसमें कथित तौर पर चौकीदार ने उसे गाली दी थी. इसी अपमान का बदला लेने के लिए चारों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई. वारदात की रात वे बोलेरो से पहुंचे और पहले हमला किया, फिर गाड़ी से कुचलकर हत्या को अंजाम दिया.
पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश
जांच में पता चला कि आरोपियों ने बोलेरो की नंबर प्लेट बदल दी थी ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके. हालांकि तकनीकी जांच से पुलिस असली नंबर तक पहुंच गई. वाहन एक नाबालिग आरोपी की मामी के नाम पर रजिस्टर्ड था. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल गाड़ी और डंडा बरामद कर लिया है.
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी विनय और एक नाबालिग पहले भी हरियाणा के बहादुरगढ़ में हिंसक घटना में शामिल रहे हैं. डीसीपी विक्रम सिंह के अनुसार, पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और संभावित गैंग कनेक्शन की भी जांच कर रही है.














