राजधानी में रंग-बिरंगी रोशनी की चकमक... दिल्ली में 10 दिसंबर को फिर क्यों मनाई जा रही दीपावली?

दिल्ली के संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार, शहर के सभी प्रमुख ऐतिहासिक और सरकारी भवनों को दीयों और सजावटी लाइट्स से सजाया जाएगा. मुख्य कार्यक्रम लाल क़िला परिसर में होगा. लेकिन दिल्ली में दूसरी बार दीपावली मनाने का कारण क्या है, आइए जानते हैं. 

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मंगलवार शाम रंग-बिरंगी रोशनी से नहाया दिल्ली सचिवालय.
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  • दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक और सरकारी भवनों को दीपावली के अवसर पर रंग-बिरंगी रोशनी और दीयों से सजाया जा रहा है.
  • यूनेस्को की इंटर गवर्नमेंटल बैठक आठ दिसंबर से दिल्ली में शुरू होकर तेरह दिसंबर तक चलेगी.
  • इस बैठक में दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर घोषित करने पर करीब सात सौ प्रतिनिधि विचार कर रहे हैं.
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नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली के कई खास इलाके आज रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते नजर आ रहे है. लालकिला, चांदनी चौक, राष्ट्रपति भवन, सचिवालय सहित कई अन्य जगहों को रंग-बिरंगी रोशनी से नहाया गया है. बुधवार 10 दिसंबर को यह चमक-धमक और बढ़ जाएगा. क्योंकि दिल्ली में 10 दिसंबर को फिर से दीपावली मनाई जाएगी. लालकिला, चांदनी चौक, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, कर्तव्य पथ जैसे दिल्ली के फेमस जगहों पर रंगोली बनाए जा रहे हैं. दीया जलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. कई सरकारी इमारतों को भी दीपावली की तरह रोशनी से सराबोर किया जाएगा.  

दिल्ली के संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार, शहर के सभी प्रमुख ऐतिहासिक और सरकारी भवनों को दीयों और सजावटी लाइट्स से सजाया जाएगा. मुख्य कार्यक्रम लाल क़िला परिसर में होगा, जबकि उसके आसपास का चांदनी चौक इलाका रंगोली, रोशनी और आतिशबाजी से सजेगा. लेकिन दिल्ली में दूसरी बार दीपावली मनाने का कारण क्या है, आइए जानते हैं. 

यूनेस्को की इंटर गवर्नमेंटल बैठक दिल्ली में

दरअसल यूनेस्को की इंटर गवर्नमेंटल बैठक 8 दिसंबर से शुरू हुई है और 13 दिसंबर तक चलेगा. भारत ने बीते साल दीपावली को अमूर्त धरोहर घोषित करने का प्रस्ताव यूनेस्को में भेजा था. बुधवार को इस पर विचार हो रहा है कि क्या दीपावली को अमूर्त धरोहर का दर्जा दिया जाए. इस पर 150  देशों के करीब 750 जानकार इस वक्त दिल्ली में जुटे हैं और लगातार लाल क़िले पर बैठक करके कई विरासत पर विस्तार विमर्श हो रहा है..

दीपावली को अमूर्त धरोहर घोषित करने की तैयारी 

यूनेस्को की बैठक में 150 देशों के 700 से ज्यादा प्रतिनिधि अमूर्त धरोहरों पर विचार कर रही है. इस साल 78 देशों के 67 नामांकन अमूर्त धरोहर के प्रस्ताव आए हैं जिनपर विचार हो रहा है. दीपावली के पक्ष में भारत ने कहा कि दीपावली केवल त्योहार भर नहीं बल्कि बुराई पर अच्छाई, शांति,समृद्धि के प्रतीक के तौर पर मनाई जाती है. इस त्योहार को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपी गई विरासत के तौर पर मनाया जाता है.

बुधवार शाम विशेष सजावट से रोशन होंगी दिल्ली की इमारतें

दीपावली के अलावा छठ पूजा, पगड़ी बाँधना, केरल का युद्ध कला, कठपुतली कला जैसे प्रस्ताव भी दिए गए हैं. मालूम हो कि यूनेस्को ने 2003 में अमूर्त धरोहर घोषित करने की शुरुआत की थी. यूनेस्को से दीपावली को अमूर्त धरोहर घोषित करवाने के लिए 10 दिसंबर की शाम लाल क़िला, राष्ट्रपति भवन और कई सरकारी इमारतें दीपों, LED लाइट्स और विशेष सजावट से रोशन होंगी. 

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केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने इस आयोजन के लिए दिल्ली सरकार को आधिकारिक रूप से निर्देश भेज दिए हैं. इसके साथ ही संस्कृति मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि देशभर के सभी विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Sites) को भी इसी शाम विशेष रूप से दीपों से रोशन किया जाए.
 

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