2020 के कोरोना लॉकडाऊन को छोड़कर दिल्ली में पिछले 8 वर्षों में सबसे कम औसत AQI दर्ज: CAQM

इस साल वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पूरे दिल्ली-एनसीआर इलाके में कई स्तर पर सख्ती से प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पहल किया है. इसका ज़मीन पर असर होता दिखाई दे रहा है.

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नई दिल्ली:

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में बीते कुछ दिनों में सुधार जरूर हुआ है लेकिन वो अभी भी खतरनाक स्तर पर बनी हुई है. इस साल जनवरी से नवंबर के बीच दिल्ली में 2020 के कोरोना लॉकडाऊन के साल को छोड़ कर पिछले 8 वर्षों में सबसे कम औसत AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) दर्ज किया गया है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Commission for Air Quality Management/CAQM) ने रविवार को एक रिपोर्ट सार्वजनिक कर ये अहम तथ्य सार्वजनिक किया है.

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण संकट पर CAQM की ताज़ा आंकलन रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी-नवंबर की अवधि में दिल्ली का औसत AQI 187 दर्ज किया गया है, जबकि इसी अवधि के दौरान यह क्रमशः 2024 में 201, 2023 में 190, 2022 में 199, 2021 में 197, 2020 में 172, 2019 में 203 और 2018 में 213 दर्ज़ किया गया था.

इस साल वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पूरे दिल्ली-एनसीआर इलाके में कई स्तर पर सख्ती से प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पहल किया है. इसका ज़मीन पर असर होता दिखाई दे रहा है. आयोग के मुताबिक, जनवरी-नवंबर, 2025 की अवधि में केवल 03 दिन ऐसे रहे जब दैनिक औसत AQI 400 से अधिक ('गंभीर से गंभीर+' श्रेणी) रहा। 2024 में ऐसे 11 दिन, 2023 में 12 दिन, 2022 में 4 दिन, 2021 में 17 दिन, 2020 में 11 दिन, 2019 में 16 दिन और 2018 में क्रमशः 12 दिन रिकॉर्ड किये गए थे. इसके अलावा, इस वर्ष अब तक दैनिक औसत AQI 450 ('गंभीर+') से अधिक वाला कोई भी दिन दर्ज नहीं किया गया है। 2024 में ऐसे 2 दिन (AQI>450), 2023 में 2 दिन, 2022 में 0 दिन, 2021 में 3 दिन, 2020 में 2 दिन, 2019 में 5 दिन और 2018 में 0 दिन थे.

ये महत्वपूर्ण है कि इस साल जनवरी से नवंबर (27 नवंबर तक) की अवधि में दिल्ली में सबसे खतरनाक pollutant - PM2.5 का स्तर 2018 के बाद से इसी अवधि की तुलना में सबसे कम रहा है, जो वर्ष 2020 (कोविड के कारण लॉकडाउन का वर्ष) के बराबर भी है. दिल्ली में साल 2025 के दौरान 27 नवम्बर तक PM2.5 का औसत 85 µg/m3 रहा है, जबकि 2024 में यह 98, 2023 में 90, 2022 में 90, 2021 में 95, 2020 में 85, 2019 में 99 और 2018 में 103 रहा था.

साथ ही, जनवरी-नवंबर (27 नवंबर तक) की अवधि में भी दिल्ली में खतरनाक pollutant - PM10 का स्तर 2018 (कोविड के कारण लॉकडाउन वाले वर्ष 2020 को छोड़कर) की इसी अवधि की तुलना में सबसे कम रहा, और इस साल अब तक औसतन 183 µg/m3 दर्ज किया गया है, जबकि 2024 में यह 205, 2023 में 193, 2022 में 202, 2021 में 200, 2020 में 167, 2019 में 210 और 2018 में 228 रिकॉर्ड किया गया था.

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