दिल्ली में राशन घोटाले पर बड़ा खुलासा: गाड़ियों में घूमने वाले खा रहे थे गरीबों का अनाज, 7.7 लाख नाम कटे

दिल्ली सरकार के ऑडिट में 7,71,384 फर्जी राशन लाभार्थी मिले और उनके नाम काटे गए हैं. इससे 7.72 लाख नए कार्ड का रास्ता खुला है. नए कार्ड के लिए आवेदन ई‑डिस्ट्रिक्ट पर शुरू हैं. सरकार अब आय सीमा को 1.20 लाख से 2.50 लाख तक बढ़ाने पर विचार कर रही है.

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  • दिल्ली सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था के ऑडिट में 7.71 लाख से अधिक फर्जी और अपात्र राशन कार्डधारकों को हटाया है.
  • जांच में आय सीमा से अधिक कमाने वाले, मृत व्यक्तियों और एक से अधिक जगहों से राशन लेने वाले लाभार्थी भी पाए गए.
  • नए राशन कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर शुरू हो चुकी है और हजारों आवेदन लंबित हैं.
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नई दिल्ली:

दिल्ली में सरकारी राशन व्यवस्था की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. सरकार के ऑडिट में ऐसे लाखों लोग पकड़े गए जो गरीबों के हिस्से का राशन ले रहे थे, जबकि वे महंगी गाड़ियों में घूमते और बड़े घरों में रहते थे. अब दिल्ली सरकार ने 7.71 लाख से ज्यादा फर्जी और अपात्र राशन कार्डधारकों के नाम काट दिए हैं. इससे करीब 7.72 लाख नए जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन कार्ड जारी करने का रास्ता साफ हो गया है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार बनने के बाद राशन वितरण व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराया गया. जांच में कुल 7,71,384 अपात्र या फर्जी लाभार्थी पाए गए.

जांच में क्या-क्या निकला?

सरकार के मुताबिक 6,46,123 लोग ऐसे मिले जिनकी आय तय सीमा से ज्यादा थी, फिर भी वे राशन ले रहे थे. इसके अलावा 95,682 लोगों ने पिछले एक साल से राशन लिया ही नहीं था. 6,185 मामलों में मृत लोगों के नाम पर राशन कार्ड चल रहे थे. वहीं 23,394 लोग एक से ज्यादा जगहों से राशन ले रहे थे. सरकार का कहना है कि इन नामों को हटाने के बाद अब वास्तविक गरीब परिवारों को योजना का लाभ मिल सकेगा.

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नए राशन कार्ड के लिए आवेदन शुरू

दिल्ली सरकार ने 15 मई 2026 से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए नए राशन कार्ड और परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सरकार के अनुसार नए राशन कार्ड के 3,72,367 आवेदन लंबित हैं. राशन कार्ड में नाम जोड़ने के 99,501 आवेदन लंबित हैं. पुराने आवेदनों को भी अपडेट कर दोबारा जमा करने का विकल्प दिया गया है. इसके लिए परिवार की आय, आधार और अन्य दस्तावेज फिर से जमा करने होंगे.

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अब बिना बायोमेट्रिक नहीं मिलेगा राशन

सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में तकनीकी बदलाव भी किए हैं. राशन दुकानों पर ई-वेइंग मशीनें लगाई जा रही हैं. बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है. साथ ही अब बिना आधार प्रमाणीकरण के राशन नहीं मिलेगा. सरकार का दावा है कि इससे कम राशन मिलने और फर्जीवाड़े की शिकायतों पर रोक लगेगी.

कौन बनवा सकता है राशन कार्ड?

नई व्यवस्था के तहत आवेदन के समय ये दस्तावेज जरूरी होंगे- 

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • नवीनतम आय प्रमाण पत्र
  • परिवार के सभी सदस्यों का आधार विवरण

पहले आय की जानकारी केवल सेल्फ-डिक्लेरेशन पर मानी जाती थी, लेकिन अब आय का प्रमाण देना अनिवार्य होगा.

2.5 लाख सालाना आय वालों को भी मिल सकता है राशन कार्ड

दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम 2026 के तहत अभी वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दी गई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार इस सीमा को बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये सालाना तक करने पर विचार कर रही है. कैबिनेट स्तर पर इस पर सकारात्मक चर्चा हो चुकी है और जल्द फैसला लिया जा सकता है.

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विपक्ष पर सरकार का हमला

दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान राशन व्यवस्था भ्रष्टाचार और राजनीति का जरिया बन गई थी. उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक नए राशन कार्ड लगभग बंद पड़े थे, जिससे लाखों गरीब परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित रह गए.

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