दिल्ली पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 51 किलो गांजे के साथ अंतर्राज्यीय ड्रग्स गिरोह का भंडाफोड़, 5 तस्कर गिरफ्तार

राम कुमार की जानकारी पर, पुलिस ने 2 दिसंबर को उसके साथी अरुण रॉय को नोएडा से पकड़ा, जिसने अपने एक जानकार के घर में गांजा छिपा कर रखा था. वहाँ से 13.433 किलोग्राम गांजा और बरामद किया गया.

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दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक बड़े अंतर्राज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफ़ाश करते हुए 5 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जो दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में गांजा सप्लाई का अवैध धंधा चला रहे थे. पुलिस ने इनके पास से कुल 51.5 किलोग्राम गांजा (मादक पदार्थ) और ₹1,02,510/- नकद बरामद किया है, साथ ही गांजा सप्लाई में इस्तेमाल हो रही एक हुंडई i-10 कार को भी जब्त किया गया है. 

उत्तरी ज़िले की एसीपी विधुशी कौशिक की देखरेख में हुई इस कार्रवाई की शुरुआत 25 नवंबर को हुई, जब गुप्त सूचना के आधार पर बुरारी, दिल्ली के जितेंद्र जीतू (45) को उसके घर से 6.132 किलो गांजा और नकद के साथ पकड़ा गया. अगले ही दिन, 26 नवंबर को, जितेंद्र से पूछताछ के बाद उसकी सप्लायर सबीता देवी (50) को स्वरूप नगर, दिल्ली से 1.542 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया.

जांच आगे बढ़ी तो सबीता ने बताया कि वह गांजा बनारस में रहने वाले अपने जीजा अनिल से खरीदती थी. इसके बाद, डीसीपी नॉर्थ के मुताबिक, पुलिस ने मुख्य सप्लायर राम कुमार (52) (बिहार) का पीछा करने के लिए तकनीकी निगरानी का उपयोग किया. 1 और 2 दिसंबर की रात को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से पीछा शुरू हुआ और 25 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद राम कुमार को हरियाणा के फरीदाबाद (बड़खल मॉल मेट्रो स्टेशन) के पास पकड़ा गया. उस समय वह बृजपाल (30) को गांजा की एक खेप दे रहा था, जो i-10 कार में खेप लेने आया था. इन दोनों से भारी मात्रा में 30.431 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ. राम कुमार ने खुलासा किया कि वह और उसका साथी अरुण रॉय (40) नोएडा में किराए के घर में रहते थे और पिछले एक साल से त्रिपुरा से गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई कर रहे थे.

राम कुमार की जानकारी पर, पुलिस ने 2 दिसंबर को उसके साथी अरुण रॉय को नोएडा से पकड़ा, जिसने अपने एक जानकार के घर में गांजा छिपा कर रखा था. वहाँ से 13.433 किलोग्राम गांजा और बरामद किया गया. पुलिस के अनुसार, पकड़े गए सभी 5 आरोपी—जितेंद्र, सबीता देवी, राम कुमार, बृजपाल, और अरुण रॉय— स्कूल ड्रॉपआउट हैं और जल्दी पैसा कमाने के लिए इस अवैध धंधे में शामिल हुए थे. खास बात यह है कि जितेंद्र, सबीता देवी और राम कुमार जैसे आरोपी पहले भी क्रमशः शराब तस्करी और NDPS Act के मामलों में शामिल रहे हैं. डीसीपी ने बताया कि पुलिस इस बड़े रैकेट में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए आगे की जांच कर रही है.

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