दिल्ली में सड़कें टूटी हैं, अस्पतालों में दवाइयां नहीं, लेकिन BJP को जनता के मुद्दों से मतलब नहीं : केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि अंग्रेज़ों के समय बनी दिल्ली विधानसभा के एक हिस्से में स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी. 2022 में इसे सामने लाया गया, ताकि लोगों को भी पता चले. भाजपा सरकार अब इसे फांसी घर नहीं, “टिफ़िन रूम” साबित करने में लगी है.

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  • केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा की फांसी घर विवाद पर BJP सरकार को स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने का आरोप लगाया
  • केजरीवाल के अनुसार BJP सरकार फांसी घर को टिफिन रूम साबित करने में लगी है, जबकि उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं है.
  • उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा सरकार के कार्यकाल में सड़कें टूटी हैं, अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिल रही हैं.
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नई दिल्ली:

शराब केस में आरोप-मुक्त होने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का आक्रामक तेवर लगातार बरकरार है. जंतर मंतर पर केंद्र सरकार की कलई खोलने के बाद वह शुक्रवार को दिल्ली की भाजपा सरकार के खिलाफ हमलावर मुद्रा में दिखे. फांसी घर मुद्दे पर विधानसभा समिति के सामने पेश होने के बाद केजरीवाल ने कहा कि एक साल में दिल्ली का बेड़ा गर्क हो रखा है, लेकिन भाजपा को लोगों की समस्याओं की चिंता नहीं है.

केजरीवाल ने भाजपा सरकार को फांसी घर मुद्दे पर भी जमकर घेरा. उन्होंने सरकार और विधानसभा कमेटी से फांसी घर के टिफिन घर होने का सबूत मांगा, लेकिन भाजपा के पास इसका कोई सबूत नहीं था. जिसके बाद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा का मुख्य मकसद दिल्ली की समस्याओं से ध्यान भटकाना और शहीदों का अपमान करना है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के रहते ऐसा कभी संभव होने वाला नहीं है.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा का परिसर एक ऐतिहासिक इमारत है. अंग्रेजों के जमाने में जब कोलकाता से राजधानी दिल्ली स्थानांतरित की गई थी, तब 1912 में यह इमारत बनाई गई थी. 2022 में तत्कालीन स्पीकर रामनिवास गोयल के प्रयास से यह पता चला कि इस इमारत के एक कोने में एक फांसी घर था, जहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी. तत्कालीन स्पीकर ने मुझे मुख्यमंत्री के रूप में बुलाया और कहा कि इसे पर्यटकों के लिए खोला जाना चाहिए, ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सकें. इसके बाद हमने उस फांसी घर को खोला और उसका उद्घाटन किया.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है, ये यह साबित करने में लगे हुए हैं कि वह फांसी घर नहीं था, बल्कि टिफिन रूम था. मैं समझता हूं कि स्वतंत्रता सेनानियों का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता. आज मुझे विधानसभा की विशेषाधिकार समिति में मुझे बुलाया गया था, कि यह साबित करो कि वह फांसी घर था. मैंने समिति को जवाब दिया कि उस समय के स्पीकर ने सारी जांच करने के बाद ही किया था. मैंने समिति से पूछा कि आप ही मुझे बताइए कि यह आपके पास क्या सबूत है कि ये टिफिन रूम था? इनके पास इसका कोई सबूत नहीं है. इसका स्पष्ट मतलब है कि ये जानबूझकर स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने के लिए यह साबित करने में लगे हुए हैं कि वह फांसी घर नहीं था और वह एक टिफिन रूम था.

अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिल रही हैं : अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि मैंने अंदर समिति से यह बात कही कि पिछले एक साल से जब से भाजपा की सरकार आई है, दिल्ली का बुरा हाल हुआ पड़ा है. दिल्ली वाले रो रहे हैं और वापस आम आदमी पार्टी की सरकार को याद कर रहे हैं. दिल्ली में चारों तरफ कूड़ा ही कूड़ा है, प्रदूषण का बहुत बुरा हाल है, सड़कें टूटी पड़ी हैं और मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जा रहे हैं. अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिल रही हैं, लोगों के पानी और बिजली के हजारों रुपए के बिल आ रहे हैं और बिजली की कटौती हो रही है. चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है. मैंने समिति से पूछा कि आपको समय खराब करने के लिए केवल यही एक मुद्दा मिला है? वे सिर्फ इसी के लिए यह सब कर रहे हैं? मैंने कहा कि जरा दिल्ली को संभालो, लेकिन ये दिल्ली के बारे में कोई बात नहीं करते.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं 10 साल तक दिल्ली का मुख्यमंत्री रहा. मुझे भी थोड़ा अनुभव है. मुझे खुशी होती अगर इनकी कोई समिति मुझसे यह पूछती कि सीवर या सड़कें कैसे ठीक करें, तो मैं अपने अनुभव उनके साथ साझा करता. मुझे इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि किसकी सरकार है, मैं तो बस यही चाहता हूं कि दिल्ली सुधरे. लेकिन भाजपा को दिल्ली चलानी ही नहीं है. इनका मकसद काम करना नहीं, बल्कि केवल राजनीति करना है. मुझे सबसे बड़ा दुख इस बात का हुआ है कि जिस स्थान पर स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी, ये लोग उसे यह साबित करने में लगे हुए हैं कि वह फांसी घर नहीं, बल्कि एक टिफिन रूम है.

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अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि अंग्रेज़ों के समय बनी दिल्ली विधानसभा के एक हिस्से में स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी. 2022 में इसे सामने लाया गया, ताकि लोगों को भी पता चले. भाजपा सरकार अब इसे फांसी घर नहीं, “टिफ़िन रूम” साबित करने में लगी है. स्वतंत्रता सेनानियों का इससे बड़ा अपमान क्या होगा? दिल्ली में सड़कें टूटी हैं, बिजली कट रही है, अस्पतालों में दवाइयां नहीं, पर भाजपा को दिल्ली की जनता के मुद्दों से कोई मतलब नहीं.

समिति के सामने पेशी के दौरान केजरीवाल की सुरक्षा से भारी खिलवाड़

विधानसभा में विशेषाधिकार समिति के सामने पेशी के दौरान अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा के साथ भारी खिलवाड़ किया गया. जब अरविंद केजरीवाल विधानसभा पहुंचे तो उनकी सुरक्षा में लगे पीएसओ को दिल्ली पुलिस ने बाहर ही रोक लिया और विधानसभा के अंदर नहीं जाने दिया. जबकि कई बार हमले होने की वजह से अरविंद केजरीवाल को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है. आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल के साथ सुरक्षा गाड़ी और पर्सनल स्टाफ को अंदर नहीं जाने देने पर भाजपा सरकार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सभी जानते हैं कि अरविंद केजरीवाल के उपर कई बार हमले हुए हैं. इसीलिए अरविंद केजरीवाल को जेड प्लस सिक्युरिटी दी गई है. इस तरह से दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल की सिक्युरिटी हटा कर उनको अकेले अंदर बुलाना, कई सवालों को पैदा करती है. ऐसा लगता है कि अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली विधानसभा नहीं लेना चाहती है.

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