दिल्ली में नकली ब्रांडेड जूतों की फैक्ट्री का भंडाफोड़, नाइकी, न्यू बैलेंस, एडिडास के डुप्लीकेट जूते जब्त

पुलिस को जांच में पता चला है कि यहां से नाइकी, न्यू बैलेंस, एडिडास और स्केचर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नकली जूते बड़े पैमाने पर तैयार किए जा रहे थे. पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में तैयार और कच्चा माल भी बरामद किया है. पुलिस ने गिरफ्तार फैक्ट्री मालिक की पहचान 44 वर्षीय संदीप सिंह के रूप में की है.  

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दिल्ली पुलिस ने नकली ब्रांडेड जूतों की फैक्ट्री पकड़ी
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  • फैक्ट्री मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी, जालसाजी और कॉपीराइट उल्लंघन के तहत मामला दर्ज किया गया है
  • संदीप सिंह ने पहले प्रिंटिंग का काम किया और बाद में अपना प्रिंटिंग व्यवसाय नकली जूते बनाने की यूनिट में बदला
  • क्राइम ब्रांच नकली जूते बनाने वाले रैकेट के नेटवर्क की जांच कर रही है
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नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में नकली ब्रांडेड जूतों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. पुलिस को इस फैक्ट्री से 10 हजार से ज्यादा Nike-Adidas समेत दूसरी कंपनियों के डुप्लीकेट जूते मिले हैं. ये फैक्ट्री दिल्ली के अंबे एन्क्लेव में चल रही थी. इस मामले में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को गिरफ्तार कर लिया है. क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जब अंबे एन्क्लेव, चौहान पट्टी से चल रहे इस फैक्ट्री पर छापेमारी की तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई. पुलिस को जांच में पता चला है कि यहां से नाइकी, न्यू बैलेंस, एडिडास और स्केचर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नकली जूते बड़े पैमाने पर तैयार किए जा रहे थे. पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में तैयार और कच्चा माल भी बरामद किया है. पुलिस ने गिरफ्तार फैक्ट्री मालिक की पहचान 44 वर्षीय संदीप सिंह के रूप में की है.  

ऐसे हुआ डुप्लीकेट फैक्ट्री का खुलासा

पुलिस सूत्रों के अनुसार 28 जनवरी 2026 को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक यूनिट में बड़े पैमाने पर ब्रांडेड कंपनियों के नकली जूते तैयार किए जा रहे हैं. सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने संबंधित कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर छापेमारी की.छापेमारी के दौरान भारी मशीनें, ब्रांडेड कंपनियों के लोगो छापने के लिए डाई, प्रिंटिंग स्क्रीन और अन्य कच्चा माल बरामद किया गया. पुलिस ने फैक्ट्री से करीब 9,616 जूतों के ऊपरी हिस्से (Upper Parts) और 1,667 स्टिकर शीट्स भी बरामद हुईं.पुलिस को रेड के दौरान 6 हैवी हीटिंग प्रेस मशीन,9 प्रिंटिंग स्क्रीन, 131 डाई (ब्रांड लोगो प्रिंटिंग के लिए), 6 पीवीसी रोल, 9,616 जूतों के अपर पार्ट्स और 1,667 ब्रांडेड स्टिकर शीट्स मौके से मिले हैं. पुलिस के अनुसार फैक्ट्री पूरी तरह अवैध रूप से संचालित की जा रही थी. आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कॉपीराइट उल्लंघन से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

पहले प्रिंटिंग का काम करता था आरोपी

संदीप सिंह मूल रूप से बस्ती (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है और वर्ष 2000 में दिल्ली आया था. शुरुआत में वह चावड़ी बाजार की एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था, जहां उसने प्रिंटिंग का काम सीखा. बाद में उसने अपना प्रिंटिंग कारोबार शुरू किया और धीरे-धीरे उसे नकली जूते बनाने की यूनिट में बदल दिया. क्राइम ब्रांच अब इस रैकेट के आगे-पीछे के नेटवर्क  की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तैयार माल कहां सप्लाई किया जा रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं. मामले की आगे की जांच जारी है.

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