पाकिस्तानी आतंकी शाहजाद भट्टी के निशाने पर भारतीय पुलिस है. उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ की पुलिस के जवान पर हमला करने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन आखिरी समय पर पिस्टल ने धोखा दे दिया. इससे जवान की जान बच गई. यह खुलासा भारतीय खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच में हुआ है.
दरअसल, एजेंसियों ने पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शाहज़ाद भट्टी को नए आतंकी संगठन तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) का मास्टरमाइंड बताया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक भट्टी इस संगठन के प्रचार और ऑपरेशनल गतिविधियों को पाकिस्तान से संचालित कर रहा है. यह खुलासा दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों की हालिया कार्रवाई के बाद हुआ है.
TTH के नीचे S लिखने के निर्देश थे
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गिरफ्तार 3 आरोपियों ने किए बड़े खुलासे
सूत्रों के अनुसार, जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. एजेंसियों का दावा है कि शाहज़ाद भट्टी और उसके पाकिस्तानी सहयोगी भारतीय पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने हाल ही में 3 युवकों को गिरफ्तार किया था, जो सीधे भट्टी, आबिद जट्ट और अजमल गुज्जर के संपर्क में थे. इन युवकों को हथियारों के साथ वीडियो बनाने और पुलिसकर्मी पर हमला कर उसका वीडियो रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए गए थे. इसके बदले मोटी रकम देने का लालच दिया गया था.
आबिद जट्ट और अजमल गुज्जर को पुलिस ने किया गिरफ्तार.
यूपी में पुलिसकर्मी की हत्या की कोशिश
तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ISI के समर्थन से चल रहा
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों मामलों की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के समर्थन से चलाया जा रहा एक प्रॉक्सी नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य भारत में आतंक फैलाना और सुरक्षा बलों को निशाना बनाना है. जांच में यह भी सामने आया है कि शाहज़ाद भट्टी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारत के युवाओं को अपने नेटवर्क में जोड़ने की कोशिश कर रहा था. इससे पहले भी दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां उसके मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर चुकी हैं. कई राज्यों में उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हुई है.
उत्तराखंड और पंजाब से पकड़े थे हैंडलर्स
उत्तराखंड STF ने भी हाल ही में एक युवक को गिरफ्तार किया था, जिस पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के लिए संवेदनशील सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों की रेकी करने का आरोप है. एजेंसियों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ और आतंकी गतिविधियों की ओर धकेलने की कोशिश कर रहा था. इससे पहले पंजाब में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में भी TTH का नाम सामने आया था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इस संगठन ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया था, जबकि शाहज़ाद भट्टी ने कथित तौर पर उस हमले का समर्थन किया था.














