सिख गुरुओं की बेअदबी का मामला: पंजाब पुलिस ने जवाब के लिए मांगे 10 दिन, विजेंद्र गुप्ता बोले- सिर्फ 3 दिन

Delhi News: स्पीकर ने आरोप लगाया की इस पूरे मामले में साजिश के तहत देरी की जा रही है. उन्होंने सवाल किया कि, जब फॉरेंसिक जांच दिल्ली विधानसभा का अधिकार क्षेत्र है, तो फिर पंजाब पुलिस ने किस आधार पर जांच की.

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गुरुओं के बेअदबी का मामला
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  • दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस को सिख गुरुओं की बेअदबी मामले में जवाब देने के लिए 3 दिन का समय दिया है.
  • स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब पुलिस की 10 दिन की समय सीमा बढ़ाने की मांग को खारिज कर तीन दिन दिए
  • स्पीकर ने आरोप लगाया कि मामले में साजिश के तहत देरी की जा रही है और पंजाब पुलिस ने बिना अनुमति जांच की है
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नई दिल्ली:

दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी की नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं की बेअदबी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले में दिल्ली विधानसभा द्वारा पंजाब पुलिस को दिए 48 घंटे के अंदर जवाब देने की समय सीमा ख़त्म होने के बाद पुलिस ने स्पीकर ऑफिस को पत्र लिखकर 10 दिन का समय मांगा है. लेकिन स्पीकर ने सिर्फ 3 दिन में जवाब तलब किया है. 

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सिर्फ 3 दिन में जवाब दें वरना होगा एक्शन

इस मामले पर आज स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा, जहां कुछ ही घंटों में पंजाब पुलिस ने FIR दर्ज कर ली, वहीं अब पुलिस जवाब देने के लिए 10 दिन का समय मांग रही है. इस पूरे मामले को देरी करने के रूप में देखा जा रहा है. विधानसभा स्पीकर ने पंजाब पुलिस की 10 दिनों की समय-सीमा की मांग को खारिज करते हुए केवल 3 दिन का समय दिया है. विधानसभा अध्यक्ष ने साफ निर्देश दिए हैं कि 15 जनवरी तक पंजाब पुलिस को अपना जवाब देना होगा. जवाब नहीं देने पर विधानसभा आगे की कार्यवाही तय करेगी.

मामले में साजिश के तहत देरी का आरोप

स्पीकर ने आरोप लगाया की इस पूरे मामले में साजिश के तहत देरी की जा रही है. उन्होंने सवाल किया कि, जब फॉरेंसिक जांच दिल्ली विधानसभा का अधिकार क्षेत्र है, तो फिर पंजाब पुलिस ने किस आधार पर जांच की. न तो दिल्ली विधानसभा से कोई वीडियो मांगा गया और न ही किसी तरह की आधिकारिक जानकारी ली गई.

राजनीतिक दबाव में केस दर्ज करने का आरोप

स्पीकर ने कहा कि आतिशी ने यह बयान 6 जनवरी को सदन में दिया था. जिसके बाद हमने इस बयान की जांच की और 7 जनवरी को वीडियो की पुष्टि हो जाने के बावजूद आतिशी अब तक सदन में उपस्थित नहीं हुईं. 8 जनवरी को इस पूरे मामले की फॉरेंसिक जांच के लिए सदन का वीडियो भेजा गया था. लेकिन हैरानी की बात यह है कि ठीक अगले दिन, 9 जनवरी को पंजाब पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर दी, जिससे सदन की जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई. विजेंदर गुप्ता ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में आकर पंजाब पुलिस ने यह केस दर्ज किया है.

आतिशी के वीडियो पर पंजाब पुलिस ने क्या कहा?

बता दे की पंजाब पुलिस ने मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो की फॉरेंसिक जांच कर कहा की इस वीडियो आतिशी ने गुरुओं शब्द का उपयोग नहीं किया. कपिल मिश्रा ने जो वीडियो शेयर किया वह गलत है और जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर पुलिस केस दर्ज कर लिया.जिसके बाद दिल्ली विधानसभा में मंत्री कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ दर्ज केस का मुद्दा उठा और फिर स्पीकर ने इस मामले के जांच के आदेश दिए और फोरेंसिक जांच करने को भी कहा है.

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