गुरुग्राम से 2 बच्चों को अपहरण कर ले गए, बरेली में हुआ एक्सीडेंट, 3 किडनैपर्स की मौत; बच्चे बिल्कुल सेफ

Gurugram Kidnapping: पुलिस जांच में पता चला कि बदमाश ऑटो ड्राइव मनोज को पहले से जानते थे. इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया. पुलिस ने सर्विलांस की मदद से ऑटो ड्राइवर मनोज को भी सुरक्षित बरामद कर लिया है. फिलहाल बरेली और गुरुग्राम पुलिस मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही है.

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गुरुग्राम किडनैपिंग मामले में बड़ा खुलासा. (AI इमेज)
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  • गुरुग्राम के DLF फेज-1 के पास से ऑटो ड्राइवर मनोज और उसके दो बच्चों का अपहरण कर यूपी के बरेली ले जाया गया था
  • किडनैपर्स ने मनोज को बंधक बनाया और बच्चों को वापस गुरुग्राम लेकर जा रहे थे, तभी कार हादसे में पांच लोग मारे गए
  • अपहरण का कारण मनोज की गोद ली बेटी का मृतक मनमोहन के साथ अफेयर था, जिसका वह विरोध करता था
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गुरुग्राम:

हरियाणा के गुरुग्राम में DLF फेज-1 के पास से शनिवार को किडनैप हुए ऑटो ड्राइवर और उनके दो बच्चों के अपहरण का राज खुल गया है. दरअसल ऑटो ड्राइवर और उनके 3 और 6 साल के दो बच्चों को गुरुग्राम से किडनैप कर यूपी के बरेली ले जाया गया था. किडनैपर्स ने ऑटो ड्राइवर को एक जगह पर बंधक बनाया और उनके बच्चों को वापस गुरुग्राम लेकर जा रहे थे. इसी दौरान उनकी कार एक खड़े टैंकर से जा भिड़ी. इस भीषण हादसे में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मरने वालों में मुख्य आरोपी भी शामिल है. जबकि दोनों बच्चों को चोट लगी है. 

ऑटो ड्राइवर और उसके बच्चों को क्यों किया किडनैप?

सवाल यही उठ रहा था कि आखिर किडनैपर्स ऑटो चालक के बच्चों को वापस गुरुग्राम क्यों लेकर आ रहे थे, जबकि उसने ही उनका अपहरण किया था. पुलिस जांच में अलग ही कहानी सामने आई है, जो नाजायज संबंधों से जुड़ी है. दरअसल ऑटो चालक की बहन किसी अन्य शख्स के साथ रहती थी. वहीं उसकी गोद ली बेटी का किडनैपर मनमोहन के साथ अफेयर था. ऑटो चालक इस बाता का विरोध करता था. इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. ऑटो चालक और उसके बच्चों को किडनैप कर लिया. हालांकि बच्चों से उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी इसीलिए वे बच्चों को वापस छोड़ने आ रहे थे. लेकिन रास्ते में ही उनकी कार हादसे का शिकार हो गई.

गुरुग्राम से अपहरण कर बरेली ले जाया गया

ऑटो ड्राइवर की पत्नी पूजा ने थाने में केस दर्ज करवाते हुए पति और बच्चों के अपहरण की आशंका जताई थी. उसने बताया कि उसका ऑटो चालक पति दो बच्चों के साथ घर से निकला था, लेकिन लौटकर नहीं आया. पुलिस को दी शिकायत में मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के गांव टांडा सिकंदरपुर की रहने वाली पूजा ने बताया कि उसका पति मनोज ऑटो ड्राइवर है. मनोज 4 अप्रैल, शनिवार शाम को वह एक सवारी को छोड़ने हनुमान मंदिर में गया था. साथ में वह दोनों बच्चों मयूर (6) और छोटा बेटा लक्ष्य (3) को भी ले गया था. जब वे लोग घर नहीं पहुंचे तो वह उनको ढूंढने पहाड़ी वाले मंदिर पहुंची. वहां पर उनका ऑटो खड़ा था, लेकिन पति और दोनों बच्चे गायब थे. 

ऑटो ड्राइवर की पत्नी ने दर्ज कराई शिकायत

पूजा को शक था कि किसी ने उनको किडनैप किया हो सकता है. 15,20 कॉल करने पर भी पति ने कॉल रिसीव नहीं किया था. काफी देर में पति के नंबर से कॉल आया और कहा गया कि वह रॉन्ग साइड गाड़ी चला रहा था, इसलिए उसे  बैठा लिया है. ये कहते ही कॉल कट कर दी गई. पूजा से ये भी कहा गया कि  पुलिस को मत बताना वरना तुम्हारे पति को मार देंगे. शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.

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गुरुग्राम के किडनैपर्स की बरेली एक्सीडेंट में मौत

उधर पुलिस को पता चला कि यूपी के बरेली में हुए सड़क हादसे में जिन पांच लोगों की मौत हुई है, उनमें 3 अपहरणकर्ता भी शामिल हैं. जबकि एक आरोपी जिंदा बच गया, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है. किडनैप किए गए दो बच्चे भी घायल हुए हैं. इस हादसे के बाद गुरुग्राम किडनैपिंग का खुलासा हो गया. साथ ही पुलिस उस गुत्थी तक भी पहुंच गई कि आखिर किडनैपिंग की वजह क्या थी. किडनैपिंग के बाद बच्चों को क्यों छोड़ा जा रहा था. एक-एक कर सभी राज से पर्दा उठ गया.  

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 पुलिस जांच में पता चला कि  बदमाश मनोज को पहले से जानते थे. इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया. पुलिस ने सर्विलांस की मदद से ऑटो ड्राइवर मनोज को भी सुरक्षित बरामद कर लिया है. फिलहाल बरेली और गुरुग्राम पुलिस मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा.

अपहरण के मकसद का खुलासा

पूरे मामले में बरेली के एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि मृतक मनमोहन के पिता नत्थू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. ऑटो चालक मनोज को नत्थू के घर से ही बरामद किया गया. घटना में जो बदमाश घायल हुआ है, उसने पूछताछ में खुलासा किया कि अपहरण का मकसद क्या था. उसने बताया कि मनोज की गोद ली हुई बच्ची का मृतक मनमोहन के साथ अफेयर था, जिसका वह विरोध करता था. इसी वजह से बदमाश मनोज की हत्या करना चाहते थे.

मनोज को बंधक बनाकर फरीदपुर में नत्थू के घर में रखा गया था और इसके बाद बच्चों को लेकर दोबारा गुड़गांव जाने की योजना थी. फिलहाल पुलिस ने नत्थू और घायल बदमाश प्रिंस को हिरासत में ले लिया है. साथ ही गुड़गांव पुलिस को सूचना दे दी गई.
 

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