muslim marriage Dowry in Ghaziabad: गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित मुस्लिम समाज से एक ऐसी शादी की खबर सामने आ रही हैं, जिसने न केवल बारातियों, बल्कि सोशल मीडिया यूजर्स को भी हैरान कर दिया है. दरअसल, मुस्लिम समाज के इस निकाह में फिजूलखर्ची और भारीभरकम दहेज के लेनदेन ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. शादी में दहेज के तौर पर दी गई नकद राशि और कार का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है.
दरअसल, बीती 9 मई की रात, इंदिरापुरम स्थित रॉयल एंबियंस फार्म एक ऐतिहासिक निकाह का गवाह बना. दिल्ली के खजूरी खास निवासी इदरीसी समाज के एक युवक का निकाह उसी क्षेत्र की रहने वाली एक युवती से संपन्न हुआ. यह आयोजन इतनी फिजूलखर्ची की गई कि आस पास के इलाकों में इसकी चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है. सजे-धजे शामियाने और वीआईपी मेहमानों के बीच हुई इस शादी ने अपनी चमक धमक से हर किसी को चकित कर दिया है.
दहेज के करोड़ों कैश और जेवरात की प्रदर्शनी
इस शादी की सबसे ज्यादा चर्चा इसमें दिए गए दहेज को लेकर हो रही है. जानकारी के मुताबिक, निकाह के वक्त वधू पक्ष की ओर से एक करोड़, 1 लाख, 11 हजार रुपये नकद और एक बीएमडब्ल्यू कार दिए गए. इसके अलावा, सोने और चांदी के आभूषणों का अंबार लगा दिया गया. इस शादी की खास बात ये है कि बिचौलिए को स्कॉर्पियो गाड़ी दी गई. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नोटों की गड्डियां और गहने स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं, जो समाज में बढ़ती दिखावे और फिजूलखर्ची की संस्कृति को भी दिखाता है.
सगाई में भी दी गई थी थार और लाखों की नकदी
चौंकाने वाली बात यह है कि यह सिलसिला सिर्फ निकाह तक ही सीमित नहीं है. बताया जा रहा है कि करीब 6 महीने पहले हुई सगाई की रस्म में भी लड़की वालों ने खूब फिजूल खर्च किया था. उस वक्त लड़के को उपहार स्वरूप एक महिंद्रा थार गाड़ी और 31 लाख रुपये नकद दिए गए थे. सगाई और निकाह के खर्चों को जोड़ दिया जाए, तो यह राशि 2 करोड़ के पार पहुंच पहुंच जाती है.
संपन्न परिवार की बेटी और साधारण परिवार का बेटा
स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के मुताबिक, दूल्हा और दुल्हन दोनों ही दिल्ली के खजूरी खास इलाके के रहने वाले हैं. जहां दूल्हे का परिवार आर्थिक रूप से बहुत ज्यादा मजबूत नहीं बताया जा रहा है. वहीं, दुल्हन का परिवार इलाके के संपन्न और रसूखदार परिवारों में गिना जाता है. लड़की वालों ने अपनी संपन्नता दिखाने के लिए इस निकाह को एक मेगा इवेंट में तब्दील कर दिया.
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शादी के वीडियो वायरल होने के बाद समाज के अलग-अलग वर्गों से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. जहां कुछ लोग इसे व्यक्तिगत पसंद और हैसियत का मामला बता रहे हैं. वहीं, कई लोग मुस्लिम समाज में दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची के बढ़ते चलन की आलोचना कर रहे हैं. जानकारों का मानना है कि इस तरह फिजूलखर्ची का प्रदर्शन' समाज के मध्यम और निम्न वर्ग पर अनावश्यक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हैं. इसे धार्मिक दृष्टिकोण से भी सही नहीं माना जा रहा है. लोगों का कहना है कि इस्लाम धर्म में शादी को आसान बनाने की बात कही गई है, लेकिन ऐसा करने से गरीबों की बेटियों की शादी मुश्किल होती जा रही है. लिहाजा, ऐसे फिजूल खर्च के प्रदर्शन से बचना चाहिए. इससे समाज में दहेज की कुप्रथा को बढ़ावा मिलता है.
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