दिल्ली के रेड लाइट एरिया में छापेमारी: G.B. रोड के पाताल से मुक्त कराई गईं 8 लड़कियां, 15 देशों की करेंसी बरामद

Delhi Crime News: दिल्ली पुलिस ने जीबी रोड के कोठा नंबर 56 पर छापेमारी कर एक कोठे से कुल 8 लड़कियों को मुक्त करवाया, जिन्हें जबरन देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया गया था. साथ ही कोठे से एक कैश बॉक्स बरामद किया गया, जिसमें से 25 लाख रुपये नकदी पाई गई.

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Delhi News: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने देह व्यापार के सबसे बड़े अड्डे जी.बी. रोड पर बड़ी कार्रवाई की है. दरअसल, पुलिस ने जी.बी. रोड स्थित कोठा नंबर 56 से मानव तस्करी की शिकार आठ मासूम बच्चियों को मुक्त कराया है. साथ ही कोठा संचालक और ग्राहकों को गिरफ्तार किया है.  यह ऑपरेशन डीसीपी सेंट्रल के निर्देशन और मार्गदर्शन में एसीपी की अगुवाई में चलाया गया.

राजधानी दिल्ली के जी.बी. रोड पर स्थित बदनाम कोठा नंबर 56 पर दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर 8 नाबालिग बच्चियों को नरक की जिंदगी से आजाद कराया. इसमें 5 लड़कियां बंगाल, 1 मेरठ, 1 नेपाल और 1 असम की हैं. इन लड़कियों को तहखाने तोड़ कर निकाला गया है. ये सभी बच्चियां मानव तस्करी की शिकार थीं और उन्हें जबरन देह व्यापार में धकेला गया था.

25 लाख रुपये नकद बरामद

​छापेमारी के दौरान पुलिस को कोठे से एक कैश बॉक्स मिला, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. इसमें भारत सहित 15 देशों की विदेशी मुद्रा बरामद हुई है, जिसकी कुल कीमत 25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है. इसके अलावा भारी मात्रा में शराब, बीयर और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है, जो यहां आने वाले विदेशी ग्राहकों की मौजूदगी की पुष्टि करती है. 

15 देशों की करेंसी मिलना इस बात का सबूत है कि मासूमों के इस सौदेबाजी में विदेशी रसूखदार भी शामिल थे. पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इन कोठों पर ताला लगेगा और गुनहगार सलाखों के पीछे होंगे.

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कोठा संचालक समेत कई गिरफ्तार

पुलिस ने कोठा संचालक, मैनेजर, अकाउंटेंट और तीन ग्राहकों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जो नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म में लिप्त पाए गए. साथ ही दोनों कोठों को सील करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं.

NGO जे आर शरण एंटी ह्यूमन क्रूसेडर सहयोग केयर के संचालक J R शरण ने बताया कि 'सहयोग केयर फॉर यू एनजीओ' को जानकारी मिली कि 8 नाबालिक बच्चों के साथ गलत कम हो रहा है. इसकी जानकारी डीसीपी सेंट्रल को दिया गया. जिसके बाद पुलिस टीम गठन की गई और रात 1 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. वहां हमें 8 बच्चियां हमें मिली. इन बच्चियों को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए 3x6 फीट के बेहद संकरे और अंधेरे तहखानों में छिपाकर रखा गया था. पुलिस टीम को इन गुप्त तहखानों तक पहुंचने के लिए दीवारों और फर्श को तोड़ना पड़ा. मुक्त कराई गई बच्चियों में 5 बंगाल की,1 मेरठ की, 1 नेपाल की और 1 असम की है.

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इस सफल ऑपरेशन में 'जे आर शरण एंटी ह्यूमन क्रूसेडर सहयोग केयर' के सदस्य फिरदौस, रेखा और रिज़वान की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही.उनकी तत्परता और समर्पण के चलते ही यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंच सका.

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मानव तस्करी और बाल शोषण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. मुक्त कराई गई बच्चियों को संबंधित सरकारी संस्थाओं की देखरेख में सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जा रहा है.

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