दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के खिलाफ अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को राजघाट पहुंचकर बापू की समाधि पर पुष्प अर्पित किए. उनके साथ दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के करीब पचास नेता मौजूद रहे.
महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद केजरीवाल ने कहा कि मामला अदालत का है. हम अदालत का बहुत सम्मान करते हैं. हम देश की न्यायप्रणाली का बहुत सम्मान करते हैं. इसी न्यायप्रणाली ने हमें बेल दिलवाई है, आरोप मुक्त किया है. आज हम आजाद घूम रहे हैं तो अपनी न्यायप्रणाली की वजह से घूम रहे हैं. लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हो गई हैं जिसकी वजह से हमें ये सत्याग्रह करना पड़ रहा है. केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने जस्टिस शर्मा को लिखी चिट्ठी में मैंने वो इसकी वजहें स्पष्ट की हैं.
दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में निचली अदालत से केजरीवाल को बरी करने के फैसले को सीबीआई ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी है जिसकी सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा कर रही हैं. केजरीवाल मांग कर रहे हैं कि जस्टिस शर्मा इस मामले की सुनवाई ना करें.
केजरीवाल का आरोप है कि जस्टिस शर्मा आरएसएस से जुड़े अधिवक्ता परिषद के कार्यकर्मों में शामिल हो चुकी हैं और साथ ही उनके बच्चे सरकारी वकील हैं, ऐसे में उन्हें जस्टिस शर्मा से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है. केजरीवाल ने जस्टिस शर्मा से इस केस से अलग होने की याचिका दायर की और अदालत में खुद जिरह भी की. लेकिन उनकी याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया. इसके बाद केजरीवाल ने एक दिन पहले जस्टिस शर्मा को पत्र लिखकर एलान किया कि उनकी अदालत में वो या उनके वकील इस मामले की पैरवी नहीं करेंगे.
जस्टिस शर्मा को इस केस से हटाने की मांग को लेकर केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. साथ ही जनता की अदालत में सियासी संदेश देने के लिए उन्होंने राजघाट का रुख किया जिसे आम आदमी पार्टी 'सत्याग्रह' करार दे रही है. केजरीवाल के इस कदम को लेकर बीजेपी हमलावर है. दिल्ली की बीजेपी सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि सत्याग्रह का ड्रामा हो रहा है. शराब के घोटाले का केस है आप पर और नाम बापू का ले रहे हैं.














