पटना में ED ने निवेश के बदले हाई रिटर्न का वादा करके धोखाधड़ी करने वाले को किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जवाहरलाल शाह को गिरफ्तार किया, लोगों से सहकारी समितियों में 25 से 100 करोड़ रुपये का निवेश करने पर हाई रिटर्न देने का वादा दिया गया था

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प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:

पटना में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत पोंजी स्कीम मामले में जवाहरलाल शाह को गिरफ्तार किया है. जवाहर लाल शाह को पटना स्थित कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. ईडी ने यह जांच बिहार पुलिस द्वारा महा ज्वाइंट लायबिलिटी ग्रुप डेवलपमेंट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, जवाहर लाल शाह और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 की धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी.

जांच में खुलासा हुआ कि जवाहर लाल शाह ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर महा ज्वाइंट लायबिलिटी ग्रुप डेयरी प्रोडक्ट्स एंड एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महा ज्वाइंट लायबिलिटी ग्रुप डेवलपमेंट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, और महा गाय प्रसंस्करण स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड जैसे कई कंपनियां/सहकारी समितियां बनाईं. इन संगठनों के जरिए उसने लोगों से 25 से 100 करोड़ रुपये का निवेश करने पर हाई रिटर्न देने का वादा दिया गया था.

हालांकि, ये कंपनियां/सहकारी समितियां निवेशकों को रिटर्न देने में असफल रहीं और अपने दफ्तर बंद कर दिए. निवेशकों के पैसे को छुपाया गया, धोखाधड़ी से इधर-उधर किया गया और जवाहर लाल शाह एवं उनके सहयोगियों से जुड़ी संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर किया गया.  इस पैसे का एक हिस्सा अचल संपत्तियों की खरीद में लगाया गया.

जांच के दौरान 7 जनवरी 2025 को PMLA की धारा 17 के तहत बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में जवाहर लाल शाह और उनके सहयोगियों से जुड़े पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई. इस दौरान डिजिटल डिवाइस सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद और जब्त किए गए. धोखाधड़ी के इस मामले में आगे की जांच जारी है.

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