दिल्ली-द्वारका के बंटी-बबली गिरफ्तार, एक ही फ्लैट को कई लोगों को बेच लगा दिया करोड़ों का चूना

दिल्ली की द्वारका साउथ पुलिस ने ‘बंटी‑बबली’ स्टाइल में एक ही फ्लैट को कई लोगों को बेचने के झांसे से ठगी करने वाले पति‑पत्नी को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया.

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  • द्वारका साउथ पुलिस ने शातिर पति‑पत्नी को एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचने की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया
  • आरोपी नरेश कुमार और उसकी पत्नी एडवांस लेकर बिक्री का समझौता करके प्रॉपर्टी ट्रांसफर किए बिना फरार हो जाते थे
  • वर्ष 2024 में दर्ज शिकायतों के आधार पर द्वारका साउथ थाने में दो एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू हुई
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नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की द्वारका साउथ टीम ने ‘बंटी‑बबली' स्टाइल में ठगी करने वाले एक शातिर पति‑पत्नी को गिरफ्तार किया है. यह जोड़ा एक ही प्रॉपर्टी (फ्लैट) को कई लोगों को बेचने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ऐंठता था और फिर फरार हो जाता था. पुलिस ने दोनों को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया.

ठगी का तरीका: ‘एग्रीमेंट टू सेल' कर एडवांस लेकर गायब

डीसीपी द्वारका के अनुसार, आरोपी नरेश कुमार सीकरी और उसकी पत्नी अपने द्वारका स्थित फ्लैट को बेचने के नाम पर लोगों के साथ ‘एग्रीमेंट टू सेल' (बिक्री का समझौता) करते थे. वे खरीदारों से एडवांस के रूप में मोटी रकम लेते, लेकिन फ्लैट ट्रांसफर करने के बजाय पैसे लेकर गायब हो जाते थे.

शिकायतें और एफआईआर

डीसीपी ने बताया कि वर्ष 2024 में द्वारका साउथ क्षेत्र के कुछ लोगों ने शिकायत दी कि एक महिला ने घर बेचने के नाम पर उनसे ‘एग्रीमेंट टू सेल' किया, एडवांस ले लिया और फिर फरार हो गई. पीड़ितों के बयानों और शुरुआती जांच के आधार पर 6 जनवरी 2024 को पहली एफआईआर और 14 जुलाई 2024 को दूसरी एफआईआर द्वारका साउथ थाने में दर्ज की गईं.

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महिला आरोपी भगोड़ा घोषित, अग्रिम जमानत खारिज

जांच के दौरान द्वारका कोर्ट ने महिला आरोपी को भगोड़ा (Proclaimed Offender) घोषित किया था, क्योंकि वह लंबे समय से छिपी हुई थी. उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत से खारिज हो चुकी थी.

टेक्निकल सर्विलांस से गिरफ़्तारी

मामले की जांच के लिए एसीपी किशोर कुमार रेवाला और इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह की देखरेख में एसआई नवीन यादव व उनकी टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों का पीछा किया. सटीक जानकारी मिलने पर पुलिस ने ग्रेटर नोएडा में छापेमारी कर पति‑पत्नी को गिरफ्तार कर लिया.

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कबूलनामा: बैंक लोन चुकाने के लिए रचा प्लान

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने फ्लैट पर बैंक से लोन (मॉर्टगेज) ले रखा था. बैंक का कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने लोगों को फंसाकर पैसे ऐंठने की साजिश रची. इस तरह दोनों ने करीब ₹2 से ₹2.5 करोड़ की ठगी की. एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलते ही दोनों ने अपना ठिकाना दिल्ली से ग्रेटर नोएडा शिफ्ट कर लिया.

आरोपियों की प्रोफाइल

नरेश कुमार सीकरी (57 वर्ष): इस ठगी का मास्टरमाइंड. लोन एजेंट के रूप में काम करता था, इसलिए प्रॉपर्टी दस्तावेज़ों की अच्छी समझ रखता था.

पत्नी (55 वर्ष): फ्लैट इसी के नाम पर था. घर के काम संभालने के साथ‑साथ, पति के साथ मिलकर ठगी के समझौतों पर हस्ताक्षर करती थी.

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दो बड़े मामले सुलझे, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

दिल्ली पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से ठगी के दो बड़े मामले सुलझाए हैं. फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. साथ ही, पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन्होंने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.

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