सरिता विहार हत्याकांड: 50 हजार का इनामी बदमाश गुजरात से गिरफ्तार, 3 राज्यों में पीछा कर मिली कामयाबी

दिल्ली के सरिता विहार हत्याकांड में वांटेड 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश अतुल हल्दर को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने गुजरात के गांधीनगर से गिरफ्तार कर लिया.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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  • दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 23 वर्षीय अतोनु हल्दर को गांधीनगर से गिरफ्तार किया जो ढाई साल से फरार था
  • अतुल हल्दर सरिता विहार में 2023 के एक बेरहम हत्याकांड का मुख्य आरोपी था जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम था
  • हत्याकांड में आरोपी अतुल और उसके साथियों ने चाकू और लाठियों से पीड़ित और उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया था
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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ढाई साल से फरार एक खतरनाक अपराधी अतोनु हल्दर उर्फ अतुल को गुजरात के गांधीनगर से गिरफ्तार कर लिया है. अतुल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. 23 वर्षीय अतुल दिल्ली के सरिता विहार इलाके में वर्ष 2023 में हुए एक बेहद बेरहम हत्याकांड में वांटेड था. डीसीपी क्राइम ब्रांच राहुल अलवल ने बताया कि यह घटना 15 सितंबर 2023 की है. दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक के 15 वर्षीय बेटे ने बताया कि उस दिन उसके पिता श्मशान घाट से अंतिम संस्कार कर लौट रहे थे. रास्ते में मुख्य आरोपी राजू पात्रा ने उसके पिता के साथ गाली‑गलौज की थी.

सरिता विहार हत्याकांड की खौफनाक वारदात

उसी रात करीब 7 से 8 लड़के, जिनमें राजू पात्रा, अतुल हल्दर और विजय पात्रो शामिल थे, मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पीड़ित के घर की गली में पहुंचे. सभी आरोपियों के पास चाकू, लाठियां और अन्य धारदार हथियार थे. उन्होंने पीड़ित पर जानलेवा हमला कर दिया. हमला इतना बर्बर था कि जब पीड़ित ने पड़ोसी के घर में घुसकर जान बचाने की कोशिश की, तो आरोपी वहां भी घुस गए और उस पर हमला जारी रखा. बीच‑बचाव करने आई मृतक की पत्नी को भी चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल पीड़ित की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

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दिल्ली से गुजरात तक फरारी की कहानी

इस मामले में 6 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे, लेकिन अतुल हल्दर लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था. डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए अतुल पहले दिल्ली से मुंबई भागा, फिर प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) गया और पिछले एक साल से गुजरात में छिपकर रह रहा था. क्राइम ब्रांच की टीम ने डीसीपी राहुल अलवल और एसीपी सतेंद्र मोहन की निगरानी में पुराने मोबाइल नंबरों और तकनीकी सुरागों के जरिए उसकी तलाश जारी रखी.

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तकनीकी निगरानी से गांधीनगर में गिरफ्तारी

मामले की जांच के दौरान हेड कांस्टेबल नवीन ने वर्षों पुराने मोबाइल नंबरों और तकनीकी डेटा का गहराई से विश्लेषण किया. पुलिस को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर का पता चला, जिसकी लोकेशन हर महीने अलग‑अलग राज्यों में बदल रही थी. जांच के दौरान यह साफ हुआ कि आरोपी गांधीनगर में पहचान छिपाकर रह रहा है. इसके बाद पुलिस ने वहां जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया. दिल्ली पुलिस की पूछताछ में अतुल ने बताया कि झगड़े की शुरुआत एक थप्पड़ मारने की बात को लेकर हुई थी, जिसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया.

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फरारी, कबूलनामा और आरोपी की प्रोफाइल

फरारी के दौरान वह लगातार पकड़े जाने के डर से अपनी नौकरियां और मोबाइल नंबर बदलता रहा. गांधीनगर में वह हेल्पर के तौर पर 12 हजार रुपये महीने की नौकरी कर रहा था. क्राइम ब्रांच के अनुसार, अतुल हल्दर मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और दिल्ली के सरिता विहार इलाके में रहता था. वह सिर्फ आठवीं कक्षा तक पढ़ा‑लिखा है. फिलहाल दिल्ली पुलिस अतुल से आगे की पूछताछ कर रही है, ताकि इस मामले से जुड़ी अन्य कड़ियों को जोड़ा जा सके.

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