डिजिटल दुनिया में मासूमों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी दिखाई है. सेंट्रल जिले के आनंद पर्वत इलाके में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को दबोचा है, जो इंटरनेट की आड़ में बच्चों से जुड़ी प्रतिबंधित और अश्लील सामग्री (Child Sexual Abuse Material - CSAM) का काला कारोबार या उपयोग कर रहा था. पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल भी बरामद कर लिया है, जिससे इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया जा रहा था.
US से मिली साइबर टिप पर हरकत में आई दिल्ली पुलिस
इस पूरे मामले की शुरुआत अमेरिका स्थित संस्था NCMEC (National Center for Missing & Exploited Children) की एक साइबर टिपलाइन रिपोर्ट से हुई. दरअसल, जब भी इंटरनेट पर बच्चों से जुड़ा कोई आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड या डाउनलोड किया जाता है, तो ये अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सतर्क हो जाती हैं. जैसे ही आनंद पर्वत इलाके के एक इंस्टाग्राम अकाउंट से प्रतिबंधित सामग्री डाउनलोड होने की सूचना मिली, दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया.
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तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस टीम
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के निर्देश पर POCSO एक्ट की धारा 15 और IT एक्ट की धारा 67(B) जैसी सख्त धाराओं में केस दर्ज हुआ. इस मामले को सुलझाने के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई. पुलिस ने सबसे पहले उस संदिग्ध मोबाइल नंबर का कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) निकाला. मोबाइल की लोकेशन और इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस के जरिए आरोपी का सटीक ठिकाना ढूंढा गया. तकनीकी सबूत जुटाने के बाद पुलिस टीम ने पंजाबी बस्ती इलाके में जाल बिछाया.
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गिरफ्तारी के साथ सख्त संदेश
सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने 40 साल के पंकज गोयल को उसके घर से धर दबोचा. कड़ी पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए लंबे समय से बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री डाउनलोड कर रहा था. दिल्ली पुलिस ने इस गिरफ्तारी के जरिए एक कड़ा संदेश दिया है. पुलिस का कहना है कि लोग अक्सर अनजाने में या मजे के लिए ऐसी सामग्री डाउनलोड करते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि वे सीधे जेल जा सकते हैं.














