'मानव बलि' मामले के बाद केरल की महिला 'काला जादू' के लिए गिरफ्तार 

केरल पुलिस ने दो महिलाओं के संदिग्ध मानव बलि की विस्तृत जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. इस एसआईटी का नेतृत्व कोच्चि शहर के उपायुक्त एस शशिधरन और मुख्य जांच अधिकारी के रूप में पेरुंबवूर एसीपी अनुज पालीवाल करेंगे.

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पुलिस ने एक महिला को 'काला जादू' के आरोपों में गिरफ्तार किया है.

केरल के पथानामथिट्टा में 'मानव बलि' के मामले की भयावहता का खुलासा होने के कुछ दिनों बाद राज्य पुलिस ने अब उसी जिले की एक महिला को 'काला जादू' के आरोपों में गिरफ्तार किया है. यह महिला बच्चों को बैठाकर तांत्रिक अनुष्ठान कर रही थी.

पथानामथिट्टा में पुलिस उपाधिक्षक एस नंदकुमार ने बताया कि महिला की पहचान शोभना उर्फ वसंती के रूप में हुई है. इसे बृहस्पतिवार को जबरन बच्चों को बैठाकर तांत्रिक अनुष्ठान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह अपने सामने बच्चों को बैठाकर तांत्रिक अनुष्ठान कर रही थी और उसका आनलाइन वीडियो प्रसारित कर रही थी.

स्थानीय लोगों ने वीडियो देखा तो इसके घर पर जमा हो गए और अनुष्ठान का विरोध करने लगे. पुलिस को मामले का पता चला तो इसके घर पहुंचकर इसे और इसके दोस्त उन्नीकृष्णन को हिरासत में ले लिया. इस बीच, केरल पुलिस ने दो महिलाओं के संदिग्ध मानव बलि की विस्तृत जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.  इस एसआईटी का नेतृत्व कोच्चि शहर के उपायुक्त (कानून और व्यवस्था) एस शशिधरन और मुख्य जांच अधिकारी के रूप में पेरुंबवूर एसीपी अनुज पालीवाल करेंगे.

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मानव बलि के तीनों आरोपियों पति-पत्नी भगवल सिंह और लीला व मोहम्मद शफी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया था. पदमा और रोसलिन के रूप में पहचानी गईं दो पीड़ितों के अवशेष 11 अक्टूबर को पथानामथिट्टा जिले के एलंथूर में सिंह और लैला के आवास के पास गड्ढों से निकाले गए थे.

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एक अदालत के समक्ष दायर एक पुलिस रिमांड रिपोर्ट के अनुसार मानव बलि को वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए किया गया था. आरोपी ने कथित तौर पर पीड़ितों को पैसे का लालच दिया और बाद में कथित तौर पर उनके शवों को दफनाने से पहले काट दिया.

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26 सितंबर को शफी ने 52 वर्षीय पदमा से संपर्क किया. पदमा कोच्ची में लॉटरी के टिकट बेचती थी. उसे शफी ने सेक्स वर्क के लिए 15000 रुपये देने का लालच दिया. इस पर पदमा राजी हो गई और शफी के साथ लैला और सिंह के घर चली गई.  वहां आरोपी ने प्लास्टिक के तार से पदमा का गले घोंट दिया. फिर शफी ने चाकू से पदमा के गुप्तांगों को काटा और बाद में गला काट दिया. उसके बाद उसने शव के 56 टुकड़े कर दिए और कटे शरीर को बाल्टी में डालकर एक गड्ढे में दफन कर दिया.

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पुलिस ने कहा कि वह नरभक्षण की संभावना पर जांच कर रही है. संभव है कि आरोपी ने पीड़ितों का मांस खाया हो. कोच्ची के पुलिस आयुक्त सीएच नागराजू ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मानव बलि का मुख्य आरोपी शफी एक विकृत व्यक्ति था और उसका आपराधिक अतीत रहा है.

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