- दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने सनलाइट कॉलोनी में हुई दिनदहाड़े लूट की वारदात के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
- आरोपियों ने शाकिर को पेट में गोली मारी और जीशान पर चाकू से हमला कर लूटपाट की थी.
- गिरफ्तार आरोपियों के पास से 3 लाख से अधिक नकद, पिस्तौल, कारतूस, चाकू और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई है.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सनलाइट कॉलोनी इलाके में हुई दिनदहाड़े लूट की एक सनसनीखेज वारदात को सुलझाते हुए दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है. इन बदमाशों ने न सिर्फ लूटपाट की थी, बल्कि विरोध करने पर पीड़ित को गोली भी मार दी थी. पुलिस ने इनके पास से लूटी गई रकम, हथियार और वारदात में इस्तेमाल स्पोर्ट्स बाइक बरामद कर ली है.
डीसीपी क्राइम ब्रांच ने बताया कि यह मामला 25 अप्रैल का है. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले शाकिर अपने साले जीशान के साथ अपनी स्प्लेंडर बाइक से जा रहे थे. जीशान के पास एक काले बैग में करीब 5 लाख रुपये थे, जो उन्होंने पुरानी दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार से लिए थे.
सनलाइट कॉलोनी इलाके में हुई थी लूटपाट और फायरिंग
शाम करीब 6:40 बजे, जब वे सनलाइट कॉलोनी इलाके में थे, तभी एक स्पोर्ट्स बाइक पर सवार तीन लड़कों ने उनका रास्ता रोका. बदमाशों के पास पिस्तौल और चाकू थे. जब बदमाशों ने जीशान से पैसों वाला बैग छीनने की कोशिश की, तो उन्होंने इसका विरोध किया. इस पर गुस्साए बदमाशों ने शाकिर के पेट में गोली मार दी और जीशान पर चाकू से हमला कर दिया. बदमाश बैग और जीशान का मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए. घायलों को पहले होली फैमिली अस्पताल और फिर एम्स में भर्ती कराया गया.
जिसके बाद मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने एक विशेष टीम बनाई. तफ्तीश के दौरान 1 मई को एसआई सौम्या को गुप्त सूचना मिली कि वारदात में शामिल बदमाश रिंग रोड के पास आई.पी. पार्क में मिलने वाले हैं. जिसके बाद एसीपी पंकज अरोड़ा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शाम करीब 7:30 बजे पार्क के गेट पर घेराबंदी की. जैसे ही एक सुजुकी जिक्सर बाइक पर दो संदिग्ध नजर आए, पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया. पकड़े जाने के डर से आरोपी पवन ने पुलिस टीम पर पिस्तौल तान दी, लेकिन हवलदार विनीत ने उसे दबोच लिया.
क्राइम ब्रांच के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
बिजेंद्र यादव और पवन गिरी के रूप में गुई है. बिजेंद्र यादव 32 साल है और बागपत, यूपी का रहने वाला है. वो ग्रेजुएट है और पहले भी हत्या के प्रयास और एक्साइज एक्ट के मामलों में शामिल रहा है. वहीं पवन गिरी मेरठ, यूपी का रहने वाला है. पवन साल 2022 के एक मर्डर केस में जमानत पर बाहर चल रहा था.
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से लूटे गए पैसों में से 3 लाख 92 हजार रूपये नकद बरामद किए हैं. इसके साथ ही एक देशी पिस्तौल, 3 जिंदा कारतूस और एक बटन वाला चाकू और वारदात में इस्तेमाल की गई स्पोर्ट्स बाइक (जो इन बदमाशों ने 2024 में सहारनपुर से छीनी थी) भी बरामद की है. आरोपियों के पास से क्राइम ब्रांच को जीशान से लूटा गया मोबाइल फोन भी मिला है.
क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके साथ तीसरा साथी संजय भी शामिल था. उन्होंने वारदात से पहले पैसों का लेन-देन करने वालों की पूरी रेकी की थी. क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने यह भी कबूल किया उन्होंने ही शाकिर को गोली मारी थी. पुलिस अब इनके तीसरे साथी की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.
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