'करियर की आखिर में इज्जत नहीं मिली' , युवराज सिंह का छलका दर्द, रिटायरमेंट के फैसले को याद कर हुए भावुक

Yuvraj Singh, IND vs NZ: युवराज सिंह ने अपने रिटायरमेंट को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. युवी ने कहा है कि जब वो अपने करियर के आखिरी पड़ाव में थे थो उन्हें उस तरह की इज्जत नहीं मिली जिसकी वो हकदार थे.

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yuvraj singh on his retirement: युवराज सिंह का छलका दर्द
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  • युवराज सिंह ने जून दो हजार उन्नीस में इंटरनेशनल क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास लिया था
  • युवराज ने कहा कि उन्हें खेल में मज़ा नहीं आ रहा था और उन्हें सम्मान महसूस नहीं हो रहा था
  • उन्होंने अपने रिटायरमेंट की वजह अपने खेल में आनंद की कमी और समर्थन की कमी बताई
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Yuvraj Singh recalls decision to retire from cricket: युवराज सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने फैन्स को भी चौंका कर रख दिया है. युवराज सिंह ने सानिया मिर्जा के साथ हुए इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया कि उनके करियर के आखिरी समय में उन्हें इज्जत नहीं मिली. बता दें कि युवराज ने जून 2019 में इंटरनेशनल क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग से संन्यास ले लिया था. ऐसे में युवी ने अपने रिटायरमेंट के पीछे की एक खास वजह को लेकर अपनी बात कही है. युवी ने कहा, "मुझे अपने गेम में मज़ा नहीं आ रहा था,  मुझे ऐसा लग रहा था कि जब मुझे क्रिकेट खेलने में मज़ा नहीं आ रहा है, तो मैं क्यों खेल रहा हूं? मुझे सपोर्ट महसूस नहीं हो रहा था. मुझे इज़्ज़त महसूस नहीं हो रही थी.  और मुझे लगा, जब मेरे पास यह सब नहीं है, तो मुझे यह सब करने की क्या ज़रूरत है? मैं ऐसी चीज़ से क्यों चिपका हुआ हूं जिसमें मुझे मज़ा नहीं आ रहा है? मुझे खेलने की क्या ज़रूरत है? क्या साबित करने के लिए? मैं इससे ज़्यादा नहीं कर सकता, मानसिक या शारीरिक रूप से, और यह मुझे दुख पहुंचा रहा था.  और जिस दिन मैंने छोड़ा, मैं फिर से पहले जैसा हो गया.”

युवराज ने अपने क्रिकेट करियर के उस दौर को भी याद किया जब वह टीनएजर थे और क्रिकेटर से कमेंटेटर बने नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया था, और कैसे युवराज के पिता योगराज सिंह ने पूर्व भारतीय ओपनर की बातों को पर्सनली ले लिया था, युवी ने कहा, "अब, जब मैं उस बारे में सोचता हूं, तो मुझे लगता है कि उनके पास मुझे ठीक से देखने का समय नहीं था, वह बस मेरे पिताजी के साथ अच्छा व्यवहार कर रहे थे. फिर ज़ाहिर है, उस समय वह भारत के लिए खेल रहे थे, इसलिए शायद उन्होंने ऐसा कहा होगा. उस समय मैं 13-14 साल का था, बस एक खेल सीख रहा था. मैं इसे पर्सनली नहीं लेता, लेकिन मेरे पिताजी ने इसे पर्सनली लिया था."

युवराज को भारत के बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक माना जाता है. उन्होंने सभी फॉर्मेट में इंटरनेशनल लेवल पर कुल 11,778 रन और 148 विकेट लिए. अपने खेलने के दिनों में वह एक बहुत अच्छे फील्डर भी थे, जिन्होंने कई यादगार कैच लपके थे. साल 2007 में स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में उनके 6 छक्कों के अलावा, फैंस आज भी 44 साल के युवराज को 2011 वर्ल्ड कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए याद करते हैं. ऐसे में युवराज सिंह का इस तरह से बयान देना यकीनन फैन्स को निराश कर राह है. 

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