मेहमान विंडीज के खिलाफ 2-1 की बढ़त लेने के बाद टीम श्रेयस अय्यर का इरादा अब बुधवार को हैदराबाद में सीरीज का परिणाम तय करने पर लगी हैं. वहीं, एक बड़ा वर्ग इस पर भी चर्चा कर रहा है कि प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी को इलेवन में क्यों नहीं खिला रहा? आखिर सूर्यवंशी को सीरीज में खिलाया भी जाएगा या नहीं? वगैरह-वगैरह. इसी बीच पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने वैभव के लिए रास्ता बनाने के लिए अलग ही नजरिया पेश किया है. नायर ने कहा कि भारत को फिलहाल पूरा ध्यान सीरीज कब्जाने पर देना चाहिए. और जब ऐसा हो जाए, तो आखिरी मैच में प्रबंधन वैभव को अंतिम 11 में खिला सकता है. भारत पारी की शुरुआत करने के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन का समर्थन करना जारी रखे हुए है।
पहले सीरीज सुनिश्चित करे प्रबंधन
नायर ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, 'मैं चाहूंगा कि भारत 3-1 की बढ़त बना ले, और आखिरी मैच में सूर्यवंशी खेले. इसलिए इसे सरल रखें 3-1 से आगे बढ़ें, सीरीज को सील करें और सूर्यवंशी को आखिरी मैच खेलने दें.' ये तो सही है कि फिलहाल प्रबंधन के लिए सीरीज कब्जाने तक नियमित जोड़ी में बदलाव करना या वैभव को खिलाना बहुत ही मुश्किल काम होगा. एक छोर पर अभिषेक आग उगल रहे हैं, तो संजू सैमसन ने भी खराब मैचों से गुजरने के बाद तूफानी पारी खेली है. नायर ने अभिषेक के लचीलेपन की भी सराहना की और वेस्टइंडीज के स्पिनर रोस्टन चेस के साथ उनकी भिड़ंत को सीरीज के मुख्य उप-कथाओं में से एक बताया. चेस ने शुरुआती दोनों मैचों में भारतीय ओपनर को आउट किया था, लेकिन तीसरे मुकाबले में अभिषेक ने शानदार प्रदर्शन कर इसका करारा जवाब दिया.
इस वजह से अभिषेक ने लिया समय
नायर ने आगे कहा, 'अभिषेक का खुद को समय देना यह तय करने के लिए भी है कि आप उन पर कैसे हावी होने वाले हैं. आप जितनी भी गेंदें खेलते हैं, आप गेंदबाज की योजनाओं को भी समझ रहे होते हैं. एक बार जब अभिषेक ने छह गेंदें खेल लीं, तो एक गेंदबाज के रूप में रोस्टन चेस उनके पीछे-पीछे चलने लगे।.अभिषेक की एक प्रतिष्ठा है, और चेस भी उसी प्रतिष्ठा के हिसाब से गेंदबाजी कर रहे हैं. इसलिए एक बार जब आप उन छह गेंदों को खेल लेते हैं, तो वह आपका पीछा करना शुरू कर देता है.'
उन्होंने कहा, 'यह लड़ाई के भीतर की एक लड़ाई है. आपने किसी को दो बार आउट किया है, लेकिन एक बार जब अभिषेक ने उन 5 से 6 गेंदों का सामना कर लिया, तो वह यह अनुमान लगाने लगा कि अभिषेक आगे क्या करने वाला है, क्योंकि आपने उसे अपनी वे सभी गेंदें दिखा दी हैं जो आप एक ऑफ स्पिनर के रूप में फेंकने वाले हैं. यही बात अभिषेक शर्मा को खास बनाती है. वह पहली गेंद से ही प्रहार कर सकते हैं, लेकिन यदि आवश्यक हो, तो वह अपना समय ले सकते हैं और आपको दबाव में ला सकते हैं.'
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