BCCI will take a big decision on players' retirement: यूं तो ऑलराउंडर विजय शंकर ने टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच 27 जून 2019 को खेला था, लेकिन वह कुछ दिन पहले एकदम से चर्चा में आए, जब फिलहाल 35 साल के हो चुके विजय शंकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया. टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच खेलने के करीब सात साल बाद. और इस संन्यास के पीछे की वजह रही विदेशी लीग यानी श्रीलंका प्रीमियर लीग में खेलना. निश्चित तौर पर काफी लंबे समय से चले आ रहे ऐसे ही सिलसिले में जुड़ा विजय शंकर का अध्याय भी बड़ी वजह रहा कि अब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) संन्यास को लेकर खिलाड़ियो के लिए के लिए पॉलिसी बनाने जा रहा है.
इधर संन्यास, उधर विदेशी लीग!
विजय शंकर का मामला इसका एक बेहतरीन उदाहरण है. उन्होंने हाल ही में भारतीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की और लगभग तुरंत ही खुद को श्रीलंका प्रीमियर लीग (LPL) के लिए उपलब्ध करा दिया. इसके तुरंत बाद, कैंडी रॉयल्स ने उन्हें 2026 सीज़न के लिए साइन कर लिया. मतलब लंकन प्रीमियर लीग में खेलने के लिए तकनीकी बाधा दूर भर करने के लिए विजय शंकर को सिर्फ संन्यास लेने का ऐलान भर करना था. विजय शंकर को पिछले साल आईपीएल नीलामी में किसी फ्रेंचाइजी ने नहीं खरीदा था. और जब आईपीएल का दरवाजा बंद हो गया, तो विजय ने राह में आ रही 'बाधा' को दूर करने का ऐलान कर दिया.
पूर्व में कई भारतीय सितारे कर चुके हैं ऐसा
बहरहाल, विजय शंकर अकेले ऐसे भारतीय क्रिकेटर नहीं हैं जिन्होंने किसी विदेशी लीग में खेलने के लिए अपने संन्यास का ऐलान किया है. पिछले कई सालों में कई भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा किया है. इनमें हालिया सालों में रविचंद्रन अश्विन, दिनेश कार्तिक, शिखर धवन जैसे स्टार खिलाड़ी शामिल रहे हैं. इनके अलावा युवराज सिंह, अंबाती रायुडु, रॉबिन उथप्पा, सुरेश रैना, उन्मुक्त चंद, प्रवीण कुमार और इरफान पठान भी उन खिलाड़ियों में हैं, जिन्होंने विदेशी लीग में ही खेलने के लिए संन्यास का ऐलान किया. जैसे ही ये खिलाड़ी टीम इंडिया या कहें कि आईपीएल में बिक्री के समीकरण से बाहर हुए या इन पर किसी फ्रेंचाइजी ने इन पर दांव नहीं लगाया, तो इन्होंने विदेशी लीग में खेलने के लिए वह कदम उठाया, जो जरूरी था. मतलब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान
अब नहीं चल पाएगी यह 'चाल' !
बहरहाल, अब इसको लेकर बीसीसीआई गंभीर है. और सूत्रों के अनुसार बोर्ड की एपेक्स काउंसिल की मीटिंग में इस विषय पर पॉलिसी बनाने के लिए फैसला लेने के लिए तैयार है. जाहिर है कि BCCI अब विदेशी लीग में खेलने के संदर्भ में अपने नियमों में बदलाव करेगा. वर्तमान में मौजूदा नीति के तहत वर्तमान में सक्रिय भारतीय खिलाड़ी (अंतरराष्ट्रीय, घरेलू क्रिकेट या आईपीएल) को विदेशी लीग में खेलने की इजाजत नहीं है. अगर किसी को विदेशी लीग में खेलना है, तो नियम के तहत खिलाड़ी विशेष को सभी फॉर्मेटों से संन्यास लेना होगा.
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