टीम इंडिया ने वीरवार को जिंबाब्वे और नामीबिया में शुरू हुए अंडर-19 विश्व कप के साथ ही अपने विजयी अभियान भी शुरू कर दिया. भारत ने डकवर्थ लुईस नियम से अमेरिका को 6 विकेट से हार दिया. लेकिन टीम इंडिया ही नहीं, बल्कि विश्व मंच पर बड़े स्टार बन चुके वैभव सूर्यवंशी(Vaibhav Sooryavanshi) इस मैच में बड़ा स्कोर करने से चूक गए. वैभव सिर्फ दो ही रन बनाकर बोल्ड हो गए. आने वाले मैचों में इस तूफानी बल्लेबाज पर सभी की नजर रहेगी क्योंकि जूनियर टीम की खिताबी जीत वैभव की सफलता से बहुत ज्यादा जुड़ी है. बहरहाल, इससे इतर आपको बता दें कि वैभव का यह पहला और आखिरी टी20 विश्व कप है. अब से ठीक दो साल बाद होने वाले संस्करण में वह 16 साल के हो जाएंगे, लेकिन उम्र कम होने के बावजूद वह टूर्नामेंट में नहीं खेले पाएंगे.
नहीं हो पाएगी अगले विश्व कप में एंट्री
दरअसल अगर फैंस अगले जूनियर विश्व कप में वैभव को खेलता नहीं देख पाएंगे, तो उसकी वजह बीसीसीआई का कुछ समय पहले बनाया गया नियम है. इस नियम के अनुसार अब कोई भी अंडर-19 खिलाड़ी एक ही सीजन में खेल सकता है. वहीं, विश्व कप से अलग भारतीय स्तर पर कोई खिलाड़ी दो सीजन से ज्यादा जूनियर टीम का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता.
इस वजह से लिया गया यह फैसला
बीसीसीआई के यह नियम बनाने की वजह यह है कि अगर कोई भी क्रिकेटर एक बार अंडर-19 विश्व कप खेल लेता है, तो अगली बार उसके खेलने का कोई मतलब नहीं हैं. अगर किसी को प्रभावित करना होगा, तो वह एक ही बार में कर देगा, लेकिन फैसले के पीछे बड़ा कारण यह है कि जूनियर अंडर-19 विश्व कप दो साल के अंतराल पर होता है. ऐसे में पिछले करीब दो कूच बिहार ट्रॉफी (घरेलू अंडर-19) में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अति प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का जमघट लग जाता है. ऐसे एंक-दो नहीं, बल्कि कई पहलुओं से इन्हीं खिलाड़ियों से अगले अंडर-19 विश्व कप टीम बनाना तर्क और न्याय संगत हो जाता है. अगर पिछले विश्व कप वाले खिलाड़ी को खिलाया जाता, तो इससे किसी एक हकदार खिलाड़ी का हक मारा जाता.
ये खिलाड़ी खेल चुके हैं दो अंडर-19 विश्व कप
भारतीय इतिहास में कोई भी खिलाड़ी दो से ज्यादा यानी तीन बार अंडर-19 विश्व कप में नहीं खेला है, लेकिन दो बार जूनियर विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ियों की संख्या अच्छी-खासी है. इन खिलाड़ियों में रवींद्र जडेजा, आवेश खान, रिकी भुई, सरफराज खान, विजय जोल, रितींदर सिंह सोढ़ी, मोहम्मद कैफ और अभिषेक शर्मा शामिल हैं.
ये खिलाड़ी एक ही बार खेल कर बड़े सुपरस्टार बन गए
वहीं, कई ऐसे खिलाड़ी हुए, जो सिर्फ एक ही बार अंडर-19 विश्व कप लेकिन ये न केवल सीनियर टीम इंडिया के लिए खेले, बल्कि ये कहीं बड़े स्टार यह खेल के महान खिलाड़ियों में शामिल हुए. इन खिलाड़ियों में खुद विराट कोहली (2008), रोहित शर्मा (2006), शिखर धवन (2004) और युवराज सिंह (2000) शामिल हैं. मतलब यह है कि अगर किसी खिलाड़ी विशेष में दम है, तो वह सिर्फ एक ही अंडर-19 विश्व कप खेलकर ही बड़ी ऊंचाई हासिल कर सकता है.
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