पैट कमिंस की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा को पहली टेस्ट हार थमाई है. डरबन में हुए सीरीज के पहले टेस्ट में मेजबान देश को 214 रनों से हार का सामना करना पड़ा है. बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने अब तक खेले 12 टेस्ट मैचों में से एक में भी हार का सामना नहीं किया था, जो एक विश्व रिकॉर्ड था. इस मुकाबले में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 390 रन बनाए और फिर मेज़बान टीम को 284 रनों पर ऑलआउट कर दिया. अपनी दूसरी पारी में मेहमान टीम ने 314/6 पर पारी घोषित की और दक्षिण अफ्रीका के सामने 421 रनों का लक्ष्य रखा. इस मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की टीम 206 रनों पर ऑलआउट हो गई. जब कप्तान के तौर पर बावुमा को अपनी पहली टेस्ट हार का सामना करना पड़ा, तो हेड ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर दक्षिण अफ्रीकी कप्तान को बुरी तरह ट्रोल किया.
नहीं थी ऐसी शुरुआत की उम्मीद
वहीं मैच के बाद बावुमा ने जीत का श्रेय ऑस्ट्रेलिया को दिया. हार के बाद जब बावुमा ने कहा,"शुरुआत ऐसी नहीं होनी चाहिए थी. हमें ऑस्ट्रेलिया की तारीफ करनी होगी, जिस तरह से उन्होंने ज्यादातर समय मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा. जिस तरह से उन्होंने हम पर दबाव बनाए रखा. और मुझे लगता है कि हममें से कई लोगों को उनके ख़िलाफ़ खेलने का अनुभव है, और आप उन्हें मैच में आगे रहकर खेलने का मौका नहीं देना चाहते. इसलिए हमें कई सवालों पर बात करनी होगी." उन्होंने आगे कहा, "हम उनकी बैटिंग और बॉलिंग के तरीके से सीख सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उनके परफ़ॉर्मेंस के लिए उनकी तारीफ़ करनी होगी."
यह 2006 के बाद से किंग्समीड, डरबन में ऑस्ट्रेलिया की लगातार चौथी टेस्ट जीत थी. इस मैदान पर साउथ अफ्रीका के खराब रिकॉर्ड के बारे में बात करते हुए बावुमा ने कहा,"यह कहना थोड़ा मुश्किल है. हमें डरबन में ज़्यादा क्रिकेट खेलने को नहीं मिलता. मुझे लगता है कि यहां हमने पिछला मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला था और हम जीते थे. उससे पहले, हां, हमारे नतीजे शायद बहुत अच्छे नहीं रहे, लेकिन यह कहना बहुत मुश्किल है. मुझे लगता है कि सही समझ पाने के लिए आपको उन सभी खिलाड़ियों से बात करनी होगी जो यहां खेले हैं."
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी हुआ नुकसान
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के बाद अफ्रीकी टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है, वहीं जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने नंबर एक की पोजीशन पर अपनी पकड़ को और भी मजबूत कर लिया है. न्यूजीलैंड डब्ल्यूटीसी टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है.
पहले टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया का 10 मैचों में जीत प्रतिशत 80 था, जबकि साउथ अफ्रीका का चार मैचों में जीत प्रतिशत 75 था. अब ऑस्ट्रेलिया का 11 मैचों में जीत प्रतिशत 81.82 हो गया है, जिसमें 9 जीत और दो हार शामिल हैं. साउथ अफ्रीका का पांच मैचों में जीत प्रतिशत अब 60 रह गया है, जिसमें तीन जीत और दो हार शामिल हैं.
न्यूजीलैंड छह मैचों में 72.22 के जीत प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. टीम ने इन छह में से 4 मैच जीते हैं, एक में हार का सामना किया है और एक मैच ड्रॉ रहा है. बांग्लादेश छह मैचों में 55.56 के जीत प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है, जिसमें तीन जीत, दो हार और एक ड्रॉ मैच शामिल है.
भारत अभी पांचवें स्थान पर है. टीम ने 11 मैचों में से पांच जीते हैं, चार हारे हैं और दो मैच ड्रॉ रहे हैं, जिससे उनका जीत प्रतिशत 51.52 है. इंग्लैंड छठे स्थान पर है. उन्होंने 16 मैचों में से सात जीते हैं, आठ हारे हैं और एक मैच ड्रॉ रहा है, और उनका जीत प्रतिशत 38.54 है. इंग्लैंड टीम के स्लो-ओवर रेट से जुड़ी अलग-अलग गलतियों के कारण 14 प्वाइंट भी काटे गए हैं.
श्रीलंका सातवें स्थान पर है. उन्होंने छह मैचों में से एक जीत, दो हार और तीन ड्रॉ के साथ 33.33 का जीत प्रतिशत हासिल किया है, जबकि वेस्टइंडीज 12 मैचों में दो जीत, आठ हार और दो ड्रॉ के साथ 20.83 के जीत प्रतिशत लेकर आठवें स्थान पर काबिज है. स्लो-ओवर रेट के कारण उनके दो प्वाइंट काटे गए थे. पाकिस्तान सबसे निचले स्थान पर है. टीम ने 9 मैचों में दो जीत और सात हार का सामना किया है. पाकिस्तान का जीत प्रतिशत सिर्फ 4.63 है. स्लो ओवर रेट के चलते टीम के 19 प्वाइंट काटे गए हैं.
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