इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट (Joe Root) लॉर्ड्स में आयरलैंड के खिलाफ जारी इकलौते टेस्ट के तीसरे दिन शनिवार को टेस्ट क्रिकेट में ग्यारह हजार रन पूरे करने वाले इतिहास के 11वें बल्लेबाज बन गए. रूट ने 59 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के से 56 रन बनाए. और इसी के साथ ही अब चर्चा दुनिया के करोड़ों प्रशंसकों और पंडितों के बीच यह शुरू हो गयी है कि इंग्लिश पूर्व कप्तान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. सचिन ने अपने 200 टेस्ट के करियर में 15,921 रन बनाए हैं, लेकिन रूट के बनाए गए अर्द्धशतक से 11 हजार रन पूरे होने के बाद इस नई बहस ने जन्म ले लिया है. और अगर ऐसा हो जाता है, तो कोई चौंकाने वाली बात बिल्कुल भी नहीं होगी. यहां ऐसे तीन बड़े कारण हैं, जो बता और समझा रहे हैं कि जो रूट यह कारनामा कर सकते हैं.
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1. उम्र है रूट के साथ
गुजरे साल दिसंबर में ही रूट 32 साल के हुए हैं. और उनकी उम्र बताती है कि रूट के पास सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए कई साल हैं. आने वाले सालों में इंग्लैंड को अच्छी-खासी टेस्ट क्रिकेट खेलनी है. इंग्लिश टीम अगले साल तक तकरीबन 18 टेस्ट मैच खेलेगी और तब तक रूट 34 साल के हो जाएंगे. वहीं, इंग्लैंड को 2025 से 2027 तक 21 टेस्ट और खेलने हैं. और अगर रूट इन 39 टेस्ट मैचों का हिस्सा बनते हैं, तो वह मजबूती के साथ सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. वैसे रूट इस उम्र में ही 130 टेस्ट मैच खेल चुके हैं
2. धीमा पड़ने के कोई संकेत नहीं
यह साल 2019 से 2012 का समय था, जब रूट अपने मानकों पर खरे नहीं उतरे. लेकिन तब से वह इस फौरमेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बनकर उभरे हैं. इस समयावधि से इंग्लैंड के बाकी बल्लेबाज संघर्षरत रहे, लेकिन रूट ने रनों का अंबार लगा दिया. इंग्लिश पूर्व कप्तान का टेस्ट में औसत 50.24 का है. और रूट के प्रदर्शन में नियमितता को देखते हुए यह औसत लगभग बना रहने की उम्मीद है. अगर रूट ने इसी गति से रन बनाना जारी रखा, तो आने वाली लगभग 98 पारियों में रूट को सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए बाकी जरूरी 4917 रन बना लेने चाहिए. मतलब इसके लिए रूट को 49 टेस्ट और खेलने होंगे. ऐसा लगता है कि रूट ये मैच खेलेंगे क्योंकि इंग्लैंड को अगले चार साल में 39 टेस्ट मैच खेलने हैं.
3. टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान और प्राथमिकता
रूट के समकालीन क्रिकेटर जहां खुद को कई फौरमेटों में फंसाए हुए हैं, तो वहीं जो. रूट का पूरा ध्यान टेस्ट क्रिकेट पर है. उनके प्रदर्शन और बैटिंग शैली को देखकर लगता है कि उनका पसंदीदा फौरमेट यही है. अब जबकि वह अपने वनडे करियर को समेट चुके हैं. वह इंग्लैंड की वनडे योजनाओं में शामिल जरूर हैं, लेकिन यह भी एक तथ्य है कि रूट ने आखिरी वनडे साल 2021 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था. उम्मीद है कि वह लंबे समय तक रेड-बॉल क्रिकेट खेलेंगे. बाकी फौरमेटों में न खेलना रूट को जरूरी आराम और खेलने की भूख के साथ-साथ प्लानिंग का मौका बनाने के लिए भी पर्याप्त समय देता है.
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